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Kanpur Fire News: कानपुर की फैक्ट्री में ब्लास्ट होने के कारण दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं अन्य मजदूर टैंक में ब्लास्ट होने के डर से फैक्ट्री से बाहर भाग गए. वहीं हादसे की सूचना मिलने के बाद आला अधिकारी के साथ-साथ पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची.
कानपुर की फैक्ट्री में ब्लास्ट.
कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर के जरिहा गांव में टायर का तेल निकालने वाली ओम जेवी आरडी फैक्ट्री में आग की घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जांच के दौरान पता चला है कि वेल्डिंग के दौरान तेज धमाका हुआ. इससे टैंक में भरे पायरोलिसिस आयल ने आग पकड़ ली और ऊंची लपटों की चपेट में आने से दो मजदूर बुरी तरह से झुलस गए और करीब 50 फीट ऊंचाई से नीचे गिरने पर उनकी मौत हो गई. दोनों के शव इतनी बुरी तरह से जल गए कि उनकी पहचान करनी मुश्किल थी. हालांकि घटना के बाद लोगों के बीच अफवाह थी कि कुछ और लोग टैंकर में गिरे हो सकते हैं. इसके बाद टैंक के अंदर तलाशी ली गई तो कोई नहीं मिला.
चार मजदूर सुरक्षित बच निकले
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के समय दोनों श्रमिक करीब 50 फुट ऊंचे एक टैंक पर मौजूद थे. आग की लपटों में घिरने के बाद दोनों नीचे गिर गए. चार अन्य श्रमिक और उस टैंकर का चालक सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. अधिकारियों ने बताया कि करीब पांच साल से संचालित इस फैक्टरी में पुराने और बेकार टायरों को बंद तथा ऑक्सीजन रहित चैंबर में उच्च तापमान पर प्रसंस्करित कर टायर ऑयल बनाया जाता था.
दमकल की कुल 6 गाड़ियां मंगाई गईं
आग शाम करीब 5:30 बजे गजनेर थाना क्षेत्र के जरीहा गांव के पास स्थित ओम जेवीआरडी फैक्टरी में लगी. यह फैक्टरी जिला मुख्यालय से करीब 44 किलोमीटर दूर है. कानपुर देहात के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें शाम करीब 5:50 बजे आग लगने की सूचना मिली. इसके बाद वह अग्निशमन केंद्र से तीन दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे. बाद में तीन और दमकल वाहनों को बुलाया गया. अधिकारी के अनुसार, करीब 40 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया. कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है.