जहानाबाद की वो सड़क जहां कैमरा चलता रहा और लड़की मदद मांगती रही, जमुई कांड से भी वीभत्स थी वो घटना

जहानाबाद की वो सड़क जहां कैमरा चलता रहा और लड़की मदद मांगती रही, जमुई कांड से भी वीभत्स थी वो घटना


बिहार के जमुई में 19 सितंबर को दो नाबालिगों को सड़क पर घेरकर बदसलूकी की गई और उसका वीडियो वायरल हुआ, तो बिहार का एक और काला इतिहास याद आ गया. तारीख थी 25 अप्रैल और साल था 2018… और शहर था जमुई से लगभग 158 किलोमीटर दूर जहानाबाद. यहां भेलावर चौकी के पास भरथुआ गांव में जो हुआ था उसने भी बिहार को हिला दिया था. जहानाबाद में भी जमुई जैसी ही सड़क थी और आसपास लोग भी थे, एक नाबालिग लड़की थी और उसके चारों तरफ युवकों का समूह… फर्क इतना था कि तब मोबाइल कैमरे में कैद वह खौफनाक दृश्य कुछ दिन बाद पूरे बिहार के सामने आया था.

दिनदहाड़े सड़क पर 14 साल की नाबालिग लड़की को 6-7 लड़कों ने घेर लिया था. कपड़े फाड़ने की कोशिश, जबरन निर्वस्त्र करने का प्रयास और पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल किया गया था. आज जमुई ने फिर वही जख्म हरा कर दिया. जहानाबाद में भी लड़की को जबरन खींचा गया था. कपड़े फाड़ने की कोशिश हुई… छेड़छाड़… अभद्र स्पर्श… लड़की चीखती है, मदद मांगती है… लेकिन आसपास खड़े कुछ लोग मदद करने की बजाय मोबाइल निकालकर वीडियो बना रहे होते हैं.

उस दिन भरथुआ नहर के पास क्या हुआ था?

जमुई में घटना दिन की ढलान के बाद हुई थी, लेकिन जहानाबाद में तो दिनदहाड़े हुई थी. दोपहर का वक्त था… लड़की अपने किसी परिचित से मिलकर लौट रही थी. इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने उसे रोक लिया. पहले छींटाकशी, फिर घेराबंदी… वीडियो में साफ दिख रहा था कि लड़की रो रही है, भाई-भाई कहकर छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन भीड़ हंस रही है. एक लड़का उसे उठा लेता है, दूसरा कपड़े खींचता है. दो लड़के इस पूरी हैवानियत को मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे थे. पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया.

बाइक नंबर बना सुराग, ऐसे पकड़े गए आरोपी

शनिवार रात 28 अप्रैल से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने लगा तो पूरे बिहार और देश में आक्रोश फैल गया. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. वीडियो में पीछे खड़ी एक बाइक का नंबर दिख रहा था और उसी नंबर से पुलिस जहानाबाद पहुंची. सिहटी गांव, भेलावर इलाके में बाइक ट्रेस हुई. पटना जोन IG नैयर हसनैन खान ने तुरंत SIT बनाई. जहानाबाद SP मनीष कुमार और पटना ASP के नेतृत्व में पटना, गया और जहानाबाद में छापेमारी हुई.

FIR टाउन थाने में दर्ज हुई

POCSO एक्ट की धारा 8, IPC की धारा 376 और 511, SC/ST एक्ट और IT एक्ट लगाया गया. शिकायतकर्ता खुद काको थाने के सब इंस्पेक्टर एसएस सिंह बने क्योंकि पीड़िता सामने आने से डर रही थी. पीड़िता दलित समुदाय की बताई गई थी. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक और वीडियो बनाने वाला मोबाइल अमर कुमार के पास से जब्त किया.पहले दिन 4 आरोपी पकड़े गए. अमर कुमार 18 साल, दीपक कुमार 18 साल, सुनील कुमार 18 साल और एक 14 साल का नाबालिग. सभी भरथुआ गांव के ही रहने वाले थे. बाद में अरविंद कुमार समेत कुल 13 आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें 8 नाबालिग थे. जांच में पता चला कि अरविंद ही वह लड़का था जो पीड़िता को पहले से जानता था और उसे उस सुनसान जगह पर ले गया था.

अब तक क्या हुआ, सजा मिली या नहीं

सभी आरोपियों को विशेष पॉक्सो अदालत में भेजा गया और नाबालिगों का केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में अलग चला. साइबर सेल ने वीडियो को सोशल मीडिया से हटवाया और पीड़िता का कोर्ट में गोपनीय बयान दर्ज कराया गया. लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड में इस केस के फाइनल कन्विक्शन की स्पष्ट जानकारी आज तक नहीं मिलती. कई ऐसे मामलों की तरह यह केस भी ट्रायल और जुवेनाइल प्रक्रिया में उलझ कर रह गया.

जमुई और जहानाबाद, एक ही सिक्के के दो पहलू

19 सितंबर 2026 का जमुई कांड और 25 अप्रैल 2018 का जहानाबाद कांड, दोनों में हैरान करने वाली समानता है. दोनों में सार्वजनिक जगह पर भीड़ द्वारा उत्पीड़न, दोनों में वीडियो बनाकर वायरल करने की मानसिकता, दोनों में पीड़िता नाबालिग और दोनों में पुलिस ने SIT बनाई. फर्क सिर्फ इतना है कि 2018 में बाइक नंबर ने केस खोला था और 2026 में AI और गमछे के रंग पर सियासत हो रही है. सवाल वही है, क्या हम सिर्फ वीडियो वायरल होने पर जागेंगे और फिर भूल जाएंगे.

आठ साल बाद फिर वही सवाल

जमुई कांड में भी SIT गठित है और राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है. जहानाबाद 2018 में जो हुआ, वही आज जमुई में दोहराया गया. सिर्फ जगह और साल बदले, लेकिन मानसिकता वही रही. जहानाबाद की वह घटना आठ साल पुरानी हो चुकी है, लेकिन जमुई का वायरल वीडियो देखकर लगता है कि समय थमा हुआ है. कानून और गिरफ्तारियां होती हैं. लेकिन सड़क पर लड़कियों की सुरक्षा का सवाल आज भी वैसा ही खड़ा है. क्योंकि, जमुई कांड सिर्फ एक नई घटना नहीं, वह जहानाबाद की अधूरी कहानी का नया अध्याय भर है. जहानाबाद की वह लड़की आज कहां है, किसी को नहीं पता, कहीं जमुई की पीड़िता का भी यही हश्र न हो!



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