BU Convocation Row: बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन खर्च पर बवाल, NSUI-ABVP के एक सुर, कर रहे एक्शन की मांग

BU Convocation Row: बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन खर्च पर बवाल, NSUI-ABVP के एक सुर, कर रहे एक्शन की मांग


भोपाल. बरकतुल्ला विश्वविद्यालय का कन्वोकेशन विवाद बढ़ता ही जा रहा है. आरटीआई के जरिए हुए खुलास के बाद से इस पर राजनीति भी गरमाने लगगी है. आरटीआई एक्टिविस्ट धर्मेंद्र सिंह और एनएसयूआई के विकास ठाकुर विश्विविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठा रहा है. दरअसल, 2022-23 में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान कथित तौर पर बिलों को लेकर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. RTI मैं खुलासा हुआ है कि एक कप कॉफी के लिए 450 रुपए, 1 किलोमीटर कार के लिए 3000 रुपए और ऑडिटोरियम के लिए 2 लाख का भुगतान किया गया है.

अब इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों में आक्रोश देखा जा रहा है छात्र संगठन एनएसयूआई ने कहा है कि बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी हमेशा से भ्रष्टाचार के मामलों में आती रही है. पिछली बार मार्कशीट को लेकर घोटाला हुआ था और अब RTI के जरिए ये खुलासा हुआ है. विकास ठाकुर ने कहा, “जब यूनिवर्सिटी के पास ऑडिटोरियम है, जिसमें करोड़ों रुपए लगाए भी गए हैं, उसके बाद भी हर साल बाहर से ऑडिटोरियम लेकर दीक्षांत समारोह कराए जाते हैं. वह इसलिए किए जाते हैं क्योंकि किसी तरह सरकार के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और प्रबंधन के अधिकारी मिलकर पैसों की बंदर बांट करें और दीक्षांत समारोह की आड़ में भ्रष्टाचार को अंजाम देते रहें.”

विकास ठाकुर ने आगे कहा, “हमारी मांग है कि दीक्षांत समारोह को लेकर जो घोटाला हुआ, उसकी जांच के लिए एक समिति बनानी चाहिए. हम मांग करते हैं कि जितनी भी जानकारियां हैं, जितने भी बिल पेपर हैं, उनको सार्वजनिक किया जाना चाहिए. अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए. बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी में किसी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा”

वित्त अधिकारी ने जताई आपत्ति

आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, 13 अक्टूबर 2022 की हाई-टी व्यवस्था को लेकर वित्त अधिकारी ने इसे “अत्यंत असंतोषजनक” बताया था. फाइल में दर्ज टिप्पणी के मुताबिक, करीब 15 से 20 लोगों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. अधिकारी के अनुसार, परिचय देने के बाद उन्हें सिर्फ आधा कप काली चाय मिली. दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि संबंधित देयक पर निर्णय लेने से पहले मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (MP-TDC) के प्रबंधक को चर्चा के लिए बुलाना उचित होगा. इसके बाद अब एक बार फिर यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं.

एक बिल की कॉपी.

पैक्ड स्नैक्स की कीमत 225 रुपए प्रति व्यक्ति

आरटीआई एक्टिविस्ट धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि फाइल में पलाश रेजीडेंसी, एमपीटीडीसी की ओर से 2 सितंबर 2022 को जारी कोटेशन भी शामिल है. इसमें हाई-टी की दर 450 रुपये प्रति व्यक्ति, प्लस टैक्स दर्ज है. पैक्ड स्नैक्स के लिए 225 रुपये प्रति व्यक्ति और ट्रांसपोर्टेशन के लिए 3000 रुपये प्लस टैक्स का उल्लेख किया गया है. बाद में विश्वविद्यालय की ओर से वीवीआईपी हाई-टी के लिए 15 लोगों का आदेश जारी किया गया. इसमें 750 रुपये प्रति व्यक्ति की दर दर्ज है. आदेश के मुताबिक चाय, कॉफी, कुकीज, फल और ड्राई फ्रूट्स समेत अन्य खाद्य सामग्री शामिल थी. इस मद में जीएसटी सहित 8,850 रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड है. सरकारी विभाग आपस में मिलीभगत कर घोटाला कर रहे हैं.

मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

आरटीआई दस्तावेजों के आधार पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और शिकायतकर्ता धर्मेंद्र सिंह गौर ने बाहरी हॉल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब विश्वविद्यालय के पास अपना ऑडिटोरियम उपलब्ध था, तो समारोह के लिए बाहरी हॉल लेने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय शिकायत कर पूरे खर्च और व्यवस्था की जांच कराने की बात कही है.

यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी उठे सवाल

वहीं मामले को लेकर भाजपा के प्रवक्ता ईशान जैन ने कहा कि डॉ मोहन यादव सरकार में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं. जाएगा, सख्त कार्रवाई करेंगे. ईशान जैन ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ यह पहला विवादित मामला नहीं है. इसके पहले भी यूनिवर्सिटी में कई लापरवाही और आर्थिक अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं. स्टूडेंट्स भी लगातार परमानेंट फैकल्टी ना होने के अलावा, अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर,प्लेसमेंट और रेगुलर क्लासेस का मुद्दा उठाते रहे हैं.



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