‘मिलन प्रधान को नंदीग्राम का चुनाव लड़ने दें, अगर…’ जेल में बंद कांग्रेस उम्मीदवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत

‘मिलन प्रधान को नंदीग्राम का चुनाव लड़ने दें, अगर…’ जेल में बंद कांग्रेस उम्मीदवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत


होमताजा खबरदेश

‘नंदीग्राम का चुनाव लड़ने दें, अगर…’ जेल में बंद मिलन प्रधान पर कलकत्ता HC

Last Updated:

Nandigram ByPoll: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक तौर पर कहा कि अगर प्रधान को जमानत मिल जाती है तो उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए. प्रधान 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं. नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर तक चलेगा.

Zoom

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए.

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए. अदालत के सामने राज्य सरकार ने यह भी बताया कि जिन छह मामलों में प्रधान ने संरक्षण की मांग की थी, उनमें से पांच मामले बंद हो चुके हैं और बाकी मामले में वह आरोपी नहीं हैं.

कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को 18 सितंबर को 2007 से जुड़े एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें कई अन्य मामलों में भी गिरफ्तार दिखाया गया. ये मामले नंदीग्राम में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े हैं और इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण तथा हिंसा जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. प्रधान फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. एक मामले में उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि एक अन्य 2007 के मामले में हिरासत की अवधि 5 अक्टूबर तक बताई गई है.

मिलन प्रधान ने कलकत्ता हाईकोर्ट में उन मामलों में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी, जिन्हें उन्होंने अपनी याचिका में चुनौती दी है. मंगलवार को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि छह में से पांच मामले बंद हो चुके हैं. राज्य ने यह भी कहा कि छठे मामले में प्रधान आरोपी नहीं हैं. अदालत ने इस स्थिति को रिकॉर्ड पर लिया.

सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से मौखिक तौर पर कहा गया कि यदि प्रधान को जमानत मिलती है तो उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए. यानी हाईकोर्ट की टिप्पणी का व्यावहारिक असर उनकी जमानत की स्थिति से जुड़ा हुआ है.

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि चुनाव प्रचार की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर है. ऐसे में प्रधान की न्यायिक हिरासत और उनकी जमानत का मामला सीधे उनके चुनाव प्रचार से भी जुड़ गया है.

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने अदालत का रुख किया था. पार्टी की ओर से कहा गया था कि वह प्रधान के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी. दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ 2007 के मामलों में लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट थे और उन्हीं के आधार पर कार्रवाई की गई.

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

login



Source link