तिजारा निकाय चुनाव: 31 निर्दलीयों ने पलटा गणित, BJP के हाथ से फिसली कुर्सी, कांग्रेस के रामावतार सैनी ने मारी बाजी

तिजारा निकाय चुनाव: 31 निर्दलीयों ने पलटा गणित, BJP के हाथ से फिसली कुर्सी, कांग्रेस के रामावतार सैनी ने मारी बाजी


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Tijara Municipal Council Chairperson Election: खैरथल-तिजारा जिले की तिजारा नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव दिनभर चले सियासी घमासान के बाद कांग्रेस के पक्ष में रहा. करीब रात 9:45 बजे तक चले मतदान और मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी ने भाजपा के सुभाष चंद सैनी को 2 वोट से हरा दिया. रामावतार सैनी को 18 और सुभाष चंद सैनी को 16 वोट मिले, जबकि एक मत अवैध घोषित किया गया. परिषद के सभी 35 पार्षदों ने मतदान किया. तिजारा में कुल 35 वार्ड हैं और चुनाव में 31 निर्दलीय, 3 भाजपा तथा 1 कांग्रेस पार्षद निर्वाचित हुए थे. ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का रुख सबसे अहम रहा. सभापति बनने के लिए 18 वोट जरूरी थे और रामावतार सैनी ने बहुमत का आंकड़ा हासिल किया. परिणाम के बाद कांग्रेस समर्थकों ने नारेबाजी और आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया.

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तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव में कांग्रेस ने 18 वोट हासिल कर भाजपा को शिकस्त दी.

अलवर. तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव में दिनभर चले सियासी हलचल के बाद आखिरकार कांग्रेस ने बाजी अपने नाम कर ली. करीब रात 9:45 बजे तक चले मतदान और मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी ने भाजपा प्रत्याशी सुभाष चंद सैनी को 2 मतों से हरा दिया. चुनाव में कुल 35 पार्षदों ने मतदान किया, जिनमें से एक मत अवैध घोषित किया गया. वैध मतों में रामावतार सैनी को 18 और सुभाष चंद सैनी को 16 वोट मिले. सभापति पद पर जीत के लिए 18 मत जरूरी थे और कांग्रेस प्रत्याशी ने ठीक इतने वोट हासिल कर बहुमत का आंकड़ा छू लिया. परिणाम घोषित होते ही रामावतार सैनी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. मतदान और मतगणना स्थल के बाहर पहले से बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे. जीत का परिणाम सामने आने के बाद समर्थकों ने नारेबाजी की और आतिशबाजी कर जश्न मनाया.

तिजारा के इस चुनाव में सबसे अहम भूमिका निर्दलीय पार्षदों की रही. नगर परिषद के 35 वार्डों में हुए चुनाव में 31 निर्दलीय, 3 भाजपा और 1 कांग्रेस पार्षद निर्वाचित हुए थे. ऐसे में सभापति चुनाव का पूरा गणित निर्दलीय पार्षदों के रुख पर टिका था. चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमे पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रिय थे. वहीं, मतदान से पहले पंचकूला विवाद ने भी राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उसके समर्थक पार्षदों को हिमाचल से लौटते समय हरियाणा के पंचकूला क्षेत्र में रोका गया. इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पिंजौर थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद से ही तिजारा में सभापति चुनाव को लेकर सियासी तनाव लगातार बढ़ता गया.

निर्दलीयों के रुख ने तय किया गणित

तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 18 था. परिषद के चुनावी समीकरण में भाजपा के सिर्फ 3 और कांग्रेस का 1 पार्षद निर्वाचित हुआ था, जबकि 31 पार्षद निर्दलीय थे. ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करना जरूरी था. मतदान के बाद कांग्रेस के रामावतार सैनी को 18 और भाजपा के सुभाष चंद सैनी को 16 वोट मिले. एक मत अवैध घोषित हुआ. इस तरह रामावतार सैनी ने बहुमत के लिए जरूरी 18 वोट हासिल कर सभापति पद पर कब्जा कर लिया.

दिनभर जारी रहा सियासी हलचल

सभापति चुनाव को लेकर सुबह से ही तिजारा में राजनीतिक हलचल बनी रही. दोनों खेमों की नजर पार्षदों के रुख पर थी. मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही समर्थकों की भीड़ भी मतदान स्थल के बाहर जुटती रही. सभी 35 पार्षदों ने मतदान किया. करीब रात 9:45 बजे तक चले मतदान के बाद मतगणना की गई. मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किया गया, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी विजयी रहे.

पंचकूला विवाद से बढ़ा था तनाव

सभापति चुनाव से पहले कांग्रेस ने पंचकूला में अपने समर्थक पार्षदों को रोके जाने का आरोप लगाया था. पार्टी का कहना था कि हिमाचल से लौटते समय उसके समर्थक पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला क्षेत्र में रोका गया. इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने पिंजौर थाने के बाहर प्रदर्शन किया था. इस घटनाक्रम के बाद तिजारा का चुनाव और अधिक चर्चा में आ गया. हालांकि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर साफ हुई और रामावतार सैनी ने 18 वोट हासिल कर सभापति पद जीत लिया.

जीत के बाद समर्थकों ने मनाया जश्न

परिणाम घोषित होते ही रामावतार सैनी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. मतदान और मतगणना स्थल के बाहर मौजूद समर्थकों ने आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया. इस चुनाव में 31 निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी ने पूरे समीकरण को अहम बना दिया था. आखिरकार 18 वोट के साथ कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी ने सभापति पद हासिल कर लिया.



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