Saudi Arabia-Houthi Conflict: 18 और 19 सितंबर 2026 को सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष ने एक अलग ही स्तर पर पहुंच गया. पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे इस तनावपूर्ण दौर में हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद सहित कई शहरों और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, जबकि सऊदी गठबंधन ने बड़े पैमाने पर जवाबी हवाई हमले किए. यह घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में पहले से जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच एक नया मोर्चा खोलता दिख रहा है, जिसने वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरी चिंताएं बढ़ा दी हैं. 18 सितंबर को हूतियों ने दावा किया कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर 26 हवाई हमले किए.
हूतियों की ओर से किए गए दावों के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में सऊदी हमलों की संख्या 300 तक पहुंच गई थी, जिनमें ताइज, हाज्जा और अन्य प्रांतों के ठिकाने शामिल थे. सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेनाओं ने भी ताइज प्रांत के अल-वजीआह जिले में झड़पों में 30 हूती लड़ाकों के मारे जाने और 60 से अधिक के घायल होने का दावा किया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की. सुरक्षा परिषद ने हूतियों पर हथियार प्रतिबंध के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया और यमन में बढ़ते मानवीय संकट की ओर इशारा किया, जहां सितंबर की शुरुआत से ही एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं.
रियाद तक पहुंची संघर्ष की आंच, जारी हुआ अलर्ट
19 सितंबर की सुबह स्थिति और गंभीर हो गई. सऊदी सिविल डिफेंस ने रियाद और आसपास के इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की. यह जुलाई से शुरू हुए मौजूदा उथल-पुथल के बाद रियाद में पहली बार ऐसा अलर्ट जारी किया गया था. यहां के लोगों ने विस्फोटों की आवाज सुनी और बाद में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास काले धुएं का गुबार देखा गया. इसने साफ कर दिया कि सब कुछ सामान्य तो बिल्कुल नहीं है. कुछ रिपोर्टों में ईंधन भंडारण क्षेत्र में आग लगने की बात कही गई, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि भोर में हूतियों ने रियाद की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक लिया और नष्ट कर दिया.
सऊदी की कमजोर नस ‘तेल’ पर वार
सऊदी की ओर से कहा गया कि हूतियों ने यानबू, ताइफ, बीशा, फरासन और अन्य जगहों पर नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सभी हमले नाकामयाब हो गए. अल-मालिकी ने हूतियों के इन कृत्यों को आतंकवादी व्यवहार करार दिया और गठबंधन के जवाबी कार्रवाई के अधिकार पर जोर दिया. वहीं दूसरी ओर हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि सऊदी अरब के सना पर हमले के जवाब में रियाद के संवेदनशील ठिकानों और यानबू में अरामको सुविधाओं पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक तथा क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया. इसके साथ ही हूतियों का दावा है कि जब तक लाल सागर में नाकाबंदी नहीं हटेगी, वे सऊदी सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाते रहेंगे.
बाब-अल-मंदेब ठप करने का है प्लान
हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर तेजी से आगे बढ़कर मोखा बंदरगाह और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास पेरिम द्वीप सहित कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है. इससे सऊदी अरब की तेल निर्यात मार्गों पर दबाव बढ़ गया है, खासकर तब जब फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण प्रभावित है. हाल के हफ्तों में हूती हमलों से सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन प्रभावित हुई थी और तेल कीमतें ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं.
ईरान ने रखीं 7 शर्तें, पूरी हुईं तब थमेगा बवाल
ईरान की भूमिका इस संघर्ष में महत्वपूर्ण रही है. हूतियों को ईरान समर्थित समूह माना जाता है और वे ईरान से सैन्य प्रशिक्षण तथा हथियार सहायता प्राप्त करते हैं. हालांकि 19 सितंबर तक ईरान की ओर से इन नवीनतम हमलों पर कोई प्रत्यक्ष आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं था, लेकिन क्षेत्रीय विश्लेषक इसे अमेरिका-ईरान युद्ध के विस्तार के रूप में देख रहे हैं. इसी बीच एक बार फिर से ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने अमेरिका से बातचीत की शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और धनराशि जारी करने की मांग दोहराई. उन्होंने अमेरिका के सामने 7 शर्तों का एक प्लान रखा है, जिसके पूरे हुए बिना ये संघर्ष नहीं रुकेगा.
۷ شرط ایران برای آغاز هر مذاکرهای به دولت آمریکا اعلام شده است. پیام تهران روشن و بدون ابهام است؛ اگر واشنگتن میخواهد از مخمصهای که خود ساخته خارج شود و بیش از این در آن گرفتار نشود، راهی جز پذیرش حقوق و شروط ایران ندارد.