दिल्ली में जहां बना है भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, उस जमीन का इतिहास सुनकर उड़ जाएंगे होश

दिल्ली में जहां बना है भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, उस जमीन का इतिहास सुनकर उड़ जाएंगे होश


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दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का इतिहास, जानकर उड़ जाएंगे होश

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Delhi Agricultural Research Institute: देश का सबसे बड़ा कृषि अनुसंधान संस्थान यानी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान दिल्ली पूसा जिस जगह बना हुआ है उस जगह की बहुत ही दिलचस्प कहानी है जिसे बहुत कम ही लोग जानते हैं. क्या आपको पता है कि आज भी जब आप गूगल पर सर्च करेंगे तो भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की जगह पूसा हिल फॉरेस्ट लिखकर आता है, जो खुद में ही बेहद दिलचस्प है.

दिल्ली के पूसा इलाके में पूसा हिल फॉरेस्ट नाम की एक जगह दर्ज है. पूसा के कुछ विशेषज्ञों से बात करने पर पता चला कि इसी जगह पर पहले फॉरेस्ट था. यहां पूरा जंगल था. यही वजह है कि आज भी पूसा कैंपस में घने जंगल हैं. पूसा के अंदर पहुंचकर आपको लगेगा नहीं कि आप देश की राजधानी दिल्ली में हैं. आज भी यहां पर बड़े-बड़े पेड़ और जंगल देखने को मिलते हैं. इसीलिए इसे पहले पूसा हिल फॉरेस्ट कहा जाता था. अब धीमे-धीमे विकास हो रहा है, वैसे-वैसे सब कुछ बदलता जा रहा है.

पूसा में काम करने वाले कुछ विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि पूसा नाम की कहानी बिहार से शुरू होती है. आईएआरआई की शुरुआत दिल्ली में नहीं, बल्कि पूसा बिहार में हुई थी. 1905 में एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना हुई थी. 1934 के विनाशकारी बिहार भूकंप के बाद संस्थान को दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला हुआ और 1936 में इसका नया परिसर दिल्ली में शुरू हुआ. इसी पुराने पूसा के नाम की वजह से दिल्ली वाला संस्थान आज भी पूसा संस्थान कहलाता है.

जानकार बताते हैं कि दिल्ली में पहले पूसा हिल फॉरेस्ट भी था. इसे केंद्रीय रिज का हिस्सा बताया जाता है. एक शोध-पत्र में इसे स्पष्ट रूप से पूसा हिल फॉरेस्ट कहते हुए बताया गया है कि यह केंद्रीय रिज में स्थित है और इसके आसपास समय के साथ बिल्ट अप एरिया बढ़ा है, जबकि प्लांटेशन, फॉरेस्ट और वाटर बॉडीज में कमी आई है. दिल्ली सरकार के प्लानिंग दस्तावेज में भी पूसा हिल एंड कमला नेहरू रिज को पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया है.

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अब सवाल यह उठता है कि तो क्या IARI की जमीन पहले जंगल थी. इसका सीधा जवाह है जी हां, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड्स का जवाब देखेंगे तो उसमें दिल्ली पूसा की जगह पर पूसा हिल फॉरेस्ट ही नाम दर्ज आपको मिलेगा. आज भी पूसा में आपको बड़े पेड़, घना जंगल और पूरी तरह से हरियाली नजर आएगी. जितनी ज्यादा हरियाली आज भी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान परिसर के अंदर है. उतनी पूरी दिल्ली के अंदर आपको देखने को नहीं मिलेगी. आज भी पर्यटकों को लगता है कि यहां पर फॉरेस्ट है, लेकिन असल में अब यहां पर सरकारी विभाग पूसा बना हुआ है.

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा हिल फॉरेस्ट आज भी कहलाता है. आज भी विदेशी पर्यटकों को लगता है कि यहां पर जंगल है. बड़ी संख्या में जब वो यहां पहुंचते हैं तो पता चलता है कि असल में अब यहां पर सरकारी विभाग है. यही नहीं गूगल पर भी बाकायदा खूबसूरत तस्वीर पूसा हिल फॉरेस्ट की ही नजर आती है. जिस वजह से लोगों में अक्सर गलतफहमी होती है. आज आपको बता दें कि पूसा हिल फॉरेस्ट ही भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान है. जहां पर सरकारी विभाग है और देशभर के खेती किसानी पर चर्चा होती है. काम होता और बातची होती है.

यही नहीं, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के अंदर काम करने वाले सभी अधिकारियों के सरकारी घर भी यहां पर हैं और कर्मचारियों के घर भी बने हुए हैं. कुल मिलाकर अब यह जमीन पूरी तरह से भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की है और फिलहाल पूसा हिल फॉरेस्ट अब यहां पर सिर्फ नाम का रह गया है, लेकिन हां अगर किसी को बड़े पेड़, घनी हरियाली और जंगल देखना हो तो वो पूसा के अंदर आ सकता है, लेकिन अब पूसा कोई घूमने की जगह नहीं है. यहां पर सिर्फ काम से ही लोग आते हैं. ऐसे में पूसा हिल फॉरेस्ट को कोई पिकनिक स्पॉट अब आप ना समझे.

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