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Brijesh Ganjhu Encounter: झारखंड में बृजेश गंझू का नाम खौफ का पर्याय बन चुका था. TSPC सुप्रीमो बृजेश पर कारोबारियों और ठेकेदारों से वसूली के आरोप थे. उस पर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था और NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी उसका नाम था. रविवार तड़के वाराणसी में यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में बृजेश मारा गया.
बृजेश गंझू एनकाउंटर में मारा गया.
रांचीः उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार तड़के यूपी एटीएस की मुठभेड़ में 30 लाख रुपये का इनामी बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह मारा गया. वह तृतीय प्रस्तुति कमेटी यानी TSPC का सुप्रीमो था. बृजेश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी शामिल था. मुठभेड़ के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
कौन था बृजेश गंझू?
बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुट्टू सोहावन का रहने वाला था. वह TSPC का प्रमुख था. उस पर कारोबारियों और ठेकेदारों को धमकाकर वसूली करने के आरोप थे. झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. करीब आठ साल पहले पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी की थी.
कैसे आया NIA की रडार पर?
NIA ने साल 2018 में टेरर फंडिंग मामले की जांच शुरू की थी. इसी जांच में बृजेश गंझू का नाम सामने आया. NIA की ओर से दाखिल चार्जशीट में 17 आरोपियों के नाम शामिल किए गए थे. इनमें बृजेश का नाम भी था. इसके बाद वह एजेंसी की वांटेड सूची में शामिल हो गया.
माओवादी संगठन से थी पुरानी दुश्मनी
TSPC और भाकपा माओवादी के बीच लंबे समय तक वर्चस्व की लड़ाई चली. दोनों संगठनों के बीच कई बार हिंसक घटनाएं और मुठभेड़ हुईं. इस संघर्ष में उग्रवादियों के साथ ग्रामीणों और दूसरे लोगों की भी जान गई.
कई हत्याकांड में शामिल था नाम
पुलिस के मुताबिक, बृजेश गंझू के नेतृत्व में कई गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया गया. लावालौंग-कोलकोले के बीच पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूटे गए और BMP-16 के दो जवानों की हत्या की गई. 2 फरवरी 2025 को टंडवा के लेम्बुआ जंगल के पास भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई. 18 जुलाई 2018 को पत्थलगड्डा के मेरमगड़ा में मनरेगा ठेकेदार नागेश्वर गंझू की लेवी के लिए हत्या की गई और दो ग्रामीणों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. 28 नवंबर 2017 को पीपरवार के करमाटांड़ में जेएमएमपी के प्रदीप महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई. 2 अप्रैल 2014 को कटकमसांडी के कुसुम्बा में बादल मुंडा और अशोक उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. 9 मार्च 2012 को हंटरगंज के कुसमाही में माओवादी एरिया कमांडर धर्मेंद्र यादव के परिवार के घर को विस्फोट और आग लगाकर क्षतिग्रस्त किया गया. इस दौरान तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट भी की गई. 7 नवंबर 2010 को वशिष्टनगर के धोबे गांव में ग्रामीण रघुनाथ यादव उर्फ बिहारी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
ऐसे हुआ एनकाउंटर
रविवार सुबह वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान में यूपी एटीएस की टीम का बृजेश गंझू से सामना हुआ. जानकारी के मुताबिक, बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था. मुखबिर की सूचना पर यूपी एटीएस के सीओ विपिन राय और इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी कमांडो टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने बाइक रोकने की कोशिश की. आरोप है कि बृजेश ने रुकने के बजाय बाइक से कूदकर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी. मुठभेड़ के दौरान उसकी ओर से चलाई गई गोली यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी. दोनों सुरक्षित बच गए. घायल बृजेश को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.