एक घर-दो मर्डर और कटघरे में बेटी… कौन थीं लिजी बोर्डन, जिसकी कहानी आज भी है रहस्य?

एक घर-दो मर्डर और कटघरे में बेटी… कौन थीं लिजी बोर्डन, जिसकी कहानी आज भी है रहस्य?


4 अगस्त 1892 की सुबह मैसाचुसेट्स में एक दंपति 64 साल की एबी और 70 वर्षीय एंड्रयू बोर्डन अपने घर में मरे हुए पारे गए. एबी का शव घर की ऊपरी मंजिल पर था, जबकि एंड्रयू का शव नीचे सोफे पर पडा था. इनके शरीर पर किसी छोटी कुल्हाड़ी से वार किए गए थे. मेडिकल एग्जामिनर विलियम डोलन के मुताबिक एंड्रयू के चेहरे पर 10 चोटें थीं, जबकि एबी के चेहरे पर 18 चोटों के निशान थे. इनकी पीठ और चेहरे पर भी बुरी तरह हमला किया गया था. हत्या किसने की ये बड़ा सवाल था. जांच हुई तो इसके दायरे में आई एंड्रयू की बेटी लिजी.

Netflix पर हाल ही में रिलीज Monster एंथोलॉजी का केंद्र लिजी बोर्डन ही हैं, जिन पर 1892 में अपने पिता और सौतेली मां को मारने का आरोप लगा था. बरसों मुकदमा चला और बाद में लिजी को रिहा कर दिया गया. मगर इस सवाल का उत्तर कभी नहीं मिला की आखिर उस दंपति किसने मारा था? ट्रू क्राइम पर बेस्ड इस 8 एपिसोड की सीरीज में एला बीटी और चार्ली हन्नम मुख्य भूमिकाओं में हैं.

आखिर कैसे हुआ अमेरिका को हिला देने वाला क्राइम?

मैसाचुसेट्स के शांत शहर में हुए इन दो मर्डर ने सभी को झकझोर दिया. अहम सवाल यही था कि आखिर हत्या किसने की है. पहले तो पुलिस के पास लिजी पर शक करने की वजह नहीं थी. हालांकि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, लिजी के बयान बदलने लगे. पुलिस को उस पर शक होना शुरू हो गया. वह जांच के दायरे में भी इसलिए आई, क्योंकि मर्डर के वक्त सिर्फ लिजी और परिवार की मेड ब्रिजेट सुलविन ही घर में मौजूद थी.

लिजी पर शक तब और गहराया जब पास ही एक फार्मासिस्ट ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले ही लिजी ने कथित तौर पर जहरीला प्रूसिक एसिड खरीदने की कोशिश की थी. एक दोस्त ने ये भी गवाही दी थी कि हत्याहाअें के कुछ दिन बाद लिजी एक ड्रेस जला दी थी, जिसे वह खुद पहनती थी. पुलिस को उसकी व्हाइट स्कर्ट पर एक खून का धब्बा भी मिला था, हालांकि वह किसका था ये कभी तय नहीं हो पाया.

कौन थी लिजी बोर्डन?

लिजी बोर्डन का जन्म 1860 में मैसाचुसेट्स में हुआ था. वह एंड्रयू बोर्डन की पहली पत्नी सारा मोर्स की सबसे छोटी बेटी थी. परिवार काफी संपन्न था, लेकिन फिर भी परिवार सादगी और किफायत से रहता था. उस समय जांच के दौरान ये सामने आया कि पिता और बेटी में अक्सर खर्चों को लेकर तनाव रहता था. हालांकि बाद में इसकी वजह खर्चे नहीं बल्कि उसकी सौतेली मां एबी डर्फी ग्रे केा बताया गया. लिजी को ऐसा लगता था कि उनके पिता सौतेली मां और उनके परिवार पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च करते थे.

लिजी के पिता और सौतेली मां की बेरहमी से हत्या

5 जून 1983 को लिजी बोर्डन अपने पिता और सौतेगी मां की हत्या के आरोप में अदालत में पेश हुईं. यह मुकदमा बेहद चर्चित और सनसनीखेज कोर्टरूम ड्रामा में बदल गया. अभियोजन पक्ष का मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था. इनमें अपराध के दिन लिजी के अपने ठिकाने को लेकर बदलते बयान और उनकी ड्रेस जलाने की घटना प्रमुख थी. हालांकि बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी में कई सवाल खड़े किए. उसने अदालत में यह बात उठाई कि हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुआ था.

इतिहासकार जोसेफ कॉनफोर्टी ने अपनी किताब लिजी बोर्डन ऑन ट्रायल में लिखा है कि लिजी ने खुद को असहाय युवती के तौर पर पेश किया. वह बेहद सलीके से काले कपड़े पहनकर अदालत में जाती थी और हाथ में फूलों का गुलदस्ता और पंखा लेकर पहुंचती थी. इसका उसे फायदा मिला और 20 जून को ही उसे दोनों हत्याओं से बरी कर दिया गया. जूरी ने ये पाया कि लिजी को आरोपी साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं.

बरी होने के बाद कैसी रही लिजी की जिंदगी?

लिजी बरी तो घोषित कर दी गई, मगर असल में लोगों ने उसे बरी नहीं माना. पड़ोसियों ने उससे दूरी बना ली. दोस्तों ने भी साथ छोड़ दिया. मुकदमे के कुछ सप्ताह बाद लिजी और उनकी बहन एमा ने एक आलीशान नया घर खरीदा. उन्होंने इस घर का नाम मैपलक्रॉफ्ट रखा. इस बीच लिजी ने खुद लिजबेथ कहना शुरू कर दिया. 1905 में लिजी के साथ हुए एक विवाद के बाद एमा घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद दोनों बहनें जीवनभर एक-दूसरे से अलग रहीं. जून 1927 में 66 साल की उम्र में लिजी की मौत हो गई, जबकि इसके ठीक नौ दिन बाद एमा की भी मौत हो गई.

आज भी जिंदा है लिजी बोर्डन की कहानी

हत्या और मुकदमे के कई दशक बाद भी अमेरिका में लिजी बोर्डन की कहानी लोगों की दिलचस्पी का विषय बनी हुई है. किताबों, टीवी सीरीज और फिल्मों में बार-बार इस मामले को नए अंदाज में पेश किया गया है. नेटफ्लिक्स की मौजूदा सीरीज के अलावा 1982 में लेखिका एंजेला कार्टर ने द फॉल रिवर एक्स मर्डर्स नाम की एक शॉर्ट स्टोरी लिखी थी. 1975 में द लीजेंड ऑफ लिजी बोर्डन नाम से एक फिल्म भी आई थी.



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