न बाजार का चक्कर, न दाम की चिंता; बस्तर के ग्रामीण ने घर पर ही उगा ली भिंडी
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Okra farming tips: बस्तर के एक ग्रामीण ने अपनी बाड़ी में भिंडी की खेती की है, जिससे उन्हें हर तीन से चार दिन के अंतराल में दो से तीन किलो ताजी भिंडी मिल रही है. यह तरीका घर पर ताजी सब्जियां उगाने के लिए अपनाया जा रहा है.
Okra farming tips: बस्तर के एक ग्रामीण ने अपनी बाड़ी में भिंडी की खेती की है, जिससे उन्हें हर तीन से चार दिन के अंतराल में दो से तीन किलो ताजी भिंडी मिल रही है. यह तरीका घर पर ताजी सब्जियां उगाने के लिए अपनाया जा रहा है.
घर पर भिंडी की खेती
बस्तर के ग्रामीण इलाकों में लोग बरसात के समय अपने आंगन या बाड़ी में सब्जियां लगाते हैं. इसी कड़ी में चेतन सिंह नामक एक ग्रामीण ने अपनी बाड़ी में भिंडी के चालीस पौधे लगाए हैं. इससे उन्हें घर पर ही ताजी भिंडी मिल रही है.
खेती का तरीका
चेतन सिंह ने बताया कि भिंडी लगाने के लिए सबसे पहले फावड़े से अच्छी तरह खुदाई की जाती है. इसके बाद डिब्बी बनाकर उसमें गोबर खाद के साथ बीज की रोपाई की जाती है. फसल अच्छी होने के लिए कुछ दिनों बाद पोटाश भी डाला जाता है.
उपज और देखभाल
भिंडी के पौधे डेढ़ महीने में फल देना शुरू कर देते हैं और लगभग दो महीने तक फसल आती है. हर तीन दिन में दो से तीन किलो भिंडी निकल जाती है. बरसात के पानी से भिंडी उग जाती है, इसलिए पानी देने की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है. इसमें आमतौर पर बीमारियों का प्रकोप भी कम होता है. हालांकि, पत्ता छेदक कीड़े के लिए कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ सकता है. इसे गमले या आंगन में भी लगाया जा सकता है.