पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए गुड न्यूज, अब वेरिफिकेशन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने होंगे, घर पर आएगी पुलिस

पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए गुड न्यूज, अब वेरिफिकेशन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने होंगे, घर पर आएगी पुलिस


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Meerut Good News : कई बार हम देखते हैं कि पासपोर्ट के वेरिफिकेशन के लिए पुलिस कहती है कि थाने आ जाओ. फिर कई बार थाने के चक्कर लगाते रहते हैं और पासपोर्ट बनने में देरी हो जाती है. ऐसे में मेरठ के डीआईजी ने सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने साफ कहा कि पुलिस खुद वेरिफिकेशन के लिए आवेदक के घर जाकर जांच करेगी. 

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पासपोर्ट के लिए अच्छी न्यूज. . (फाइल फोटो)

मेरठ : मेरठ वालों आपके लिए बहुत अच्छी खबर है. अगर आप भी पासपोर्ट के वेरिफिकेशन के लिए पुलिस थाने के चक्कर लगाते लगाते थक गए हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. अब पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर आवेदक को थाने बुलाने के बजाय पुलिसकर्मी खुद आवेदक के दिए गए पते पर जाकर जांच करेंगे. यह निर्देश खुद मेरठ के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने दिए.

डीआईजी परतापुर थाने का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश दिए. उन्होंने साफतौर पर कहा कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए आवेदक को अनावश्यक रूप से थाने न बुलाया जाए. संबंधित पुलिसकर्मी मौके पर जाकर दिए गए पते का सत्यापन करें. सीओ को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पासपोर्ट की जांच वास्तव में मौके पर जाकर ही की जा रही है.

आम लोगों के लिए क्यों जरूरी है यह निर्देश?

पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन एक जरूरी प्रक्रिया होती है. ऐसे में कई लोगों को वेरिफिकेशन के लिए थाने जाना पड़ता है. डीआईजी के इस निर्देश के बाद आवेदकों को थाने बुलाने के बजाय उनके पते पर जाकर जांच करने पर जोर दिया गया है. इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों को सहूलियत मिल सकती है.

महिला शिकायतों पर भी थाना प्रभारी की नजर

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने महिला संबंधी शिकायतों को लेकर भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी खुद ऐसी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें. साथ ही यूपी-112 पर मिलने वाली महिला संबंधी शिकायतों को मिशन शक्ति केंद्र के रजिस्टर में दर्ज करने और कार्रवाई का लगातार फीडबैक लेने को भी कहा. उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने-अपने बीट क्षेत्र में सक्रिय रहने और ग्राम प्रहरियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए. साथ ही थाने में लंबित गैर-जमानती वारंट, जब्त माल और शस्त्रों के रखरखाव को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाने के मैस, बैरक, कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क का जायजा लिया. शस्त्रों की अच्छी जानकारी रखने पर दारोगा विपिन मिश्रा को पुरस्कृत भी किया गया.



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