UPI के नए नियम पर मायावती नाराज, जानें विपक्षी नेताओं का क्या है मानना 

UPI के नए नियम पर मायावती नाराज, जानें विपक्षी नेताओं का क्या है मानना 


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UP Politics : यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से दो हजार रुपये अधिक के भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाने को लेकर बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती नाराज हो गई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा. आइए जानते हैं विपक्षी नेताओं का क्या मानना है.

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विपक्षी नेताओं का यूपीआई पर रिएक्शन.

लखनऊ : बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार की नीतियों को लेकर एक के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट किए हैं. उन्होंने 15 अक्टूबर से UPI के कुछ कारोबारी लेनदेन पर MDR शुल्क लागू किए जाने का विरोध किया और इसे जनता पर दोहरा टैक्स बताया. कहा कि गरीबी और महंगाई के दौर में सरकार की नीति कल्याणकारी होनी चाहिए.

मायावती ने यूपी के 14,500 स्कूलों को 300 करोड़ रुपये से स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि स्मार्ट पढ़ाई से पहले स्कूलों में बेंच, छत, किताब और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी होनी चाहिए और करीब दो लाख रुपये प्रति स्कूल के बजट में ये सुविधाएं कैसे पूरी होंगी, सरकार को इस पर विचार करना चाहिए.

मेडिकल कॉलेज स्पेशल कंपोनेंट प्लान के पैसे से बने

वहीं सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज और जालौन के चार मेडिकल कॉलेजों में SC आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक को लेकर भी मायावती ने सरकार को घेरा. उनका कहना है कि ये मेडिकल कॉलेज स्पेशल कंपोनेंट प्लान के पैसे से बने हैं और इनमें 50 फीसदी सामान्य आरक्षण से अलग SC के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था है. साथ ही आरोप लगाया कि सरकार ने कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की. उन्होंने सरकार से मामले में तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपील कर राहत दिलाने की मांग की है.

डिप्टी सीएम ने किया पलटवार

सपा चीफ के बयानों पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी बातों का उत्तर प्रदेश की जनता पर कोई असर नहीं पड़ता. वहीं सपा प्रवक्ता फखरुल हसन ने UPI शुल्क और शिक्षा के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने सवाल उठाया कि आम आदमी UPI से बिजली का बिल भी जमा करता है, तो क्या उस पर भी टैक्स लगेगा. सरकार लगातार जनता पर टैक्स का बोझ डाल रही है.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब सिर्फ सांसों और हवा पर टैक्स लगाना बाकी रह गया है. स्कूल-कॉलेज जर्जर हैं, प्राथमिक स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षा को सीमित करने की कोशिश का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग को होगा. उन्होंने बीजेपी पर PDA विरोधी होने का भी आरोप लगाया.

सुप्रिया श्रीनेत ने क्या कहा?

UPI शुल्क को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि इसका फायदा PhonePe, Google Pay, Visa और Mastercard जैसी कंपनियों को होगा. महंगाई के दौर में जनता को राहत देने के बजाय सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है. यानी UPI शुल्क से लेकर स्कूलों की स्थिति और मेडिकल कॉलेजों में SC आरक्षण के मुद्दे तक विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. मायावती जहां सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन मुद्दों को उठा रही हैं, वहीं सपा और कांग्रेस भी अलग-अलग मुद्दों पर सरकार पर सवाल खड़े कर रही हैं.



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