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अमेरिका ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची को अगले हफ्ते UN महासभा में शामिल होने के लिए वीजा दिया है. इसी बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ को निशाना बनाने और हिरासत में लेने का दावा किया.
होर्मुज में जहाज पर हमला हुआ है वहीं दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को अमेरिका ने वीजा दिया है.
अमेरिका ने एक तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची को अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की मीटिंग में शामिल होने के लिए वीजा मंजूर कर दिया. वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कार्रवाई से तनाव और बढ़ गया. ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाया और हिरासत में लेने का दावा किया है. यानी एक ही वक्त में कूटनीति का दरवाजा भी खुला है और समुद्र में टकराव भी जारी है.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका ने दिया वीजा
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, विदेश मंत्री अब्बास अरागची और तेहरान के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाईलेवल मीटिंग्स में शामिल होने की मंजूरी दी है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के तहत ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, प्रतिनिधिमंडल पर अमेरिका में यात्रा से जुड़े प्रतिबंध और महंगी या लग्जरी चीजों की खरीद पर सीमाएं लागू रहेंगी. अमेरिका ने यह भी कहा है कि इस बार ईरानी प्रतिनिधिमंडल पिछले साल के मुकाबले छोटा होगा. विदेश विभाग के मुताबिक, वीजा प्रक्रिया में राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के मानकों को भी ध्यान में रखा गया है.
होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला
जब न्यूयॉर्क में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने का रास्ता साफ हो रहा था, उसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तनाव बढ़ाने वाली खबर सामने आई. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ को निशाना बनाया और हिरासत में लिया. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, जहाज पर आग लगने के बाद उसे रोका गया. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आरोप लगाया कि टैंकर ने होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान के बताए रास्ते का पालन नहीं किया और ‘गैरकानूनी रास्ते’ से निकलने की कोशिश की.
ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक सुरक्षा घटना की जानकारी दी. यह घटना ओमान के खासाब से करीब 16 समुद्री मील यानी 29.6 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताई गई. हालांकि, UKMTO ने जहाज का नाम नहीं बताया है, इसलिए यह साफ नहीं है कि यह वही टैंकर था जिसका जिक्र ईरान ने किया.
होर्मुज क्यों बना हुआ है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. यहां किसी जहाज को रोकना या उसके रास्ते को लेकर विवाद होना सिर्फ ईरान और दूसरे देशों के बीच तनाव का मामला नहीं रहता, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी असर डाल सकता है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष के बाद से होर्मुज में तनाव लगातार बना हुआ है. ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण बढ़ाया है और उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है जिन्हें वह अपने निर्देशों का उल्लंघन करने वाला मानता है.