सीतापुर के थाने में 15 सालों से सरदार उधम सिंह की प्रतिमा क्‍यों ‘कैद’ थी? छुड़ाने के लिए कोर्ट से लंबी लड़ाई लड़ी गई

सीतापुर के थाने में 15 सालों से सरदार उधम सिंह की प्रतिमा क्‍यों ‘कैद’ थी? छुड़ाने के लिए कोर्ट से लंबी लड़ाई लड़ी गई


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Sitapur News : सीतापुर के मिश्रिख में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा करीब 15 साल तक कोतवाली के मालखाने में बंद रही. अब कोर्ट के आदेश के बाद प्रतिमा रिलीज हुई. ढोल नगाड़ों और देशभक्ति के नारों के बीच इसे नैमिषारण्य के गुरुद्वारा साहिब ले जाया गया.

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सीतापुर के मिश्रिख में शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा थाने से छुड़ाई गई.

सीतापुर : जिस शहीद ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनकी प्रतिमा करीब 15 साल तक कोतवाली के मालखाने में बंद रही. मामला यूपी के सीतापुर का है, जहां मिश्रिख में शहीद सरदार उधम सिंह की प्रतिमा को आखिरकार कोर्ट के आदेश के बाद मालखाने से बाहर निकाला गया. सरदार उधम सिंह की मूर्ति के बाहर आते ही सिख समाज और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई. बाकायदा थाने में ही मूर्ति को पानी से धुलवाया गया. आखिर 15 सालों से सरदार उधम सिंह की प्रतिमा थाने के मालखाने में क्‍यों कैद थी, आइये जानते हैं..

2010 से मालखाने में रखी थी प्रतिमा
दरअसल, यह मामला साल 2010 का है. नैमिषारण्य के ठाकुर नगर के सार्वजनिक पार्क में शहीद उधम सिंह की प्रतिमा स्थापित की जा रही थी. इसी दौरान कुछ लोगों ने प्रतिमा लगाए करने की अनुमति नहीं होने का विरोध किया. विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और प्रतिमा को मिश्रिख कोतवाली के मालखाने में रखवा दिया गया. इसके बाद विवाद से जुड़े लोगों को तो जमानत मिल गई, लेकिन शहीद उधम सिंह की प्रतिमा करीब डेढ़ दशक तक मालखाने में ही पड़ी रही.

कोर्ट के आदेश के बाद खुला रास्ता
शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा को सम्मानजनक जगह दिलाने के लिए भारतीय सिख संगठन की ओर से लंबे समय से कानूनी पैरोकारी की जा रही थी. कोर्ट के आदेश के बाद प्रतिमा को रिलीज करने की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद 100 से अधिक लोग मिश्रिख कोतवाली पहुंचे. कागजी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतिमा को मालखाने से बाहर निकाला गया. मालखाने से बाहर निकलते ही प्रतिमा को सम्मान के साथ शोभायात्रा के रूप में नैमिषारण्य स्थित गुरुद्वारा साहिब ले जाया गया. इस दौरान ढोल नगाड़े बजाए गए और देशभक्ति के नारे लगाए गए. फिलहाल प्रतिमा गुरुद्वारा साहिब में सुरक्षित रखी गई है.

अब सम्मानजनक स्थान पर होगी स्थापना
भारतीय सिख संगठन के जिलाध्यक्ष गुरपाल सिंह के अनुसार प्रतिमा की स्थापना के लिए उचित जगह सर्वसम्मति से तय किया जाएगा. कोर्ट के आदेश के बाद करीब 15 साल से मालखाने में रखी प्रतिमा को अब सम्मानजनक स्थान मिलने का रास्ता साफ हो गया है.



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