थाईलैंड से आ रहा समुद्री बवंडर, नया सिस्टम मचाएगा बवाल, बिहार में आज बारिश
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Aaj Ka Mausam: दक्षिण-पश्चिम मानसून अब बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी में है. राजस्थान के कुछ हिस्सों से इसकी वापसी 19 सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है. फिर धीरे-धीरे यह पूरे देश से विदा ले लेगा. हालांकि, दो नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से बिहार-यूपी समेत कई राज्यों में तेज हवा के साथ भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने आने वाले समय में एक और लो प्रेशर के एक्टिव होने की संभावना जताई है. इसके प्रभाव से तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. (फाइल फोटो)
Aaj Ka Mausam: भारत पर अल नीनो का प्रभाव शत प्रतिशत भले ही न पड़ा हो, लेकिन इस बार मानसून अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं बरसा. खासकर पश्चिम और दक्षिण भारत में कम बारिश ने दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूरा खेल बिगाड़ दिया. उत्तर और पूर्वी भारत में जोरदार बारिश की वजह से इस इलाके में पानी की कमी नहीं हुई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है. मौसम विज्ञानियों ने एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की बात कही है. आने वाले तीन से चार दिनों में ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश तक में इसका असर देखा जा सकता है. थाईलैंड जोन में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से नया वेदर सिस्टम डेवलप होने के आसार हैं. वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से देश के कई हिस्सों का मौसम तूफानी रहने की संभावना है. बिहार में 18 सितंबर 2026 को भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की भी बात कही है.
IMD के अनुसार, देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी रहने के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगी हैं. 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है. हालांकि, मानसून की विदाई के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. आईएमडी के मुताबिक, सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक उसी क्षेत्र में बना हुआ था. इसके अलावा उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है. इसके 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने की संभावना है. इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, इसके बाद यह कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे और मजबूत हो सकता है तथा अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर पहुंच सकता है. इससे पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
बिहार में भारी बारिश की संभावना
आईएमडी ने बिहार में 18 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है. ओडिशा में 18 सितंबर और 23 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 सितंबर और 23 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
Weather Systems, Forecast and Warnings:
❖ Conditions are becoming favourable for withdrawal of Southwest Monsoon from some parts of West
Rajasthan around 19th September, 2026.
❖ Yesterday’s Low-Pressure Area over Saurashtra & adjoining Northeast Arabian Sea persisted over the… pic.twitter.com/EHckCkxUu8