वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दूसरों के मामलों में टांग अड़ाने और हवा-हवाई बातें करने का बहुत पुराना शौक है. ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का क्रेडिट खुद ही ले लिया. इसके बाद लेकर भारत पर जमकर तंज कसे थे. कभी 11, कभी 7, तो कभी 5 फाइटर जेट्स के गिरने की मनगढ़ंत कहानियां सुनाईं, जो सच से कोसों दूर थीं. लेकिन अब उसी अमेरिका के फाइटर जेट्स की लाशें ईरान में बिछी हुई हैं. जब अपने ही जंगी जहाजों का कब्रिस्तान बनता दिखा, तो ट्रंप की सारी हेकड़ी हवा हो गई. अब अपने गिरे हुए फाइटर जेट्स की गिनती बताते हुए ट्रंप मीडिया में नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन सच्चाई सबके सामने आ चुकी है.
हवा में उड़ते झूठ और ट्रंप की ‘कॉमेडी क्लास’
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जो आंकड़े दिए, वो किसी कॉमेडी शो से कम नहीं थे. मीडिया के सामने ट्रंप कभी बोलते दिखे कि 11 जेट गिराए गए, तो अगले ही पल कहते हैं कि मैंने 7 जेट गिरते देखे. बात यहीं खत्म नहीं होती, वो कैमरे के सामने खुद अपनी ही बात काटकर कहने लगते हैं कि 5 जेट, फिर 4, और फिर कहते हैं कि असल में 8 या 7 जेट गिराए गए. सच तो ये है कि भारत के सभी फाइटर जेट्स बिल्कुल सही-सलामत हैं. हां, पाकिस्तान के वो फाइटर जेट्स जरूर गिरे थे जो अमेरिका ने उसे दिए थे, लेकिन ट्रंप के मुंह से ये सच कभी नहीं निकला.
52 अमेरिकी विमानों की ‘कब्रगाह’ बना ईरान, ट्रंप के उड़े होश!
दूसरों पर उंगली उठाने वाले ट्रंप को अब अपना खुद का घर देखना चाहिए. ईरान युद्ध में अमेरिका ने कोई 5 या 7 नहीं, बल्कि पूरे 52 एयरक्राफ्ट गंवा दिए हैं और ये कोई हवा-हवाई आंकड़ा नहीं है जिसे किसी ने अपने मन से गढ़ लिया हो. ये खुद अमेरिका के अपने ही आधिकारिक वॉचडॉग की रिपोर्ट चीख-चीख कर बता रही है. जिस ईरान को अमेरिका ने कभी गंभीरता से नहीं लिया, उसी ईरान ने आज अमेरिकी वायुसेना की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं और अमेरिका अब अपने ही जख्म छुपाने को मजबूर है.
आसमान से गिरी अमेरिका के घमंड की लाशें!
- F-15 और F-35 की भयानक तबाही: अमेरिका ने अपने 4 बेमिसाल F-15 फाइटर जेट हमेशा के लिए खो दिए हैं. वहीं उनका सबसे एडवांस माना जाने वाला 1 F-35 फाइटर जेट भी इस युद्ध में बुरी तरह डैमेज हो चुका है.
- A-10 वॉर्थोग का खात्मा: करीब 120 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम कीमत वाला और खास तौर पर एयर सपोर्ट के लिए डिजाइन किया गया 1 A-10 Warthog विमान ईरान ने सीधा आसमान से नीचे मार गिराया है.
- हवा में ईंधन भरने वालों का काम तमाम: कॉम्बैट जेट्स को हवा में फ्यूल देने वाले कम से कम 7 KC-135 टैंकर इस जंग में तबाह या डैमेज हो चुके हैं. सबसे बड़ी बेइज्जती तो ये है कि इनमें से 5 को तो ईरानी मिसाइलों ने जमीन पर ही भस्म कर दिया!
- सेंचुरी और हेलिकॉप्टर की बर्बादी: 500 मिलियन डॉलर का बेहद महंगा E-3 Sentry एयरक्राफ्ट सऊदी अरब के बेस पर डैमेज हुआ है. इसके अलावा 7 अमेरिकी हेलिकॉप्टर भी ईरान के इन ताबड़तोड़ हमलों का शिकार बने हैं.
- करोड़ों के ड्रोन्स का कब्रिस्तान: ईरान ने अमेरिका के 30 से ज्यादा MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए हैं. यही नहीं, अप्रैल के महीने में 240 मिलियन डॉलर की कीमत वाला एक MQ-4C ट्राइटन सर्विलांस ड्रोन भी क्रैश होकर मलबे में तब्दील हो गया.
हथियारों का टोटा, फिर भी जंग में लुटा रहे खजाना?
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा सच तो ये है कि ईरान के साथ चल रही जंग ने अमेरिका के हथियारों के जखीरे को अंदर से पूरी तरह खोखला कर दिया है. रिपोर्ट साफ तौर पर मानती है कि अमेरिका का स्टॉकपाइल तेजी से खत्म हो रहा है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की अकड़ देखिए, वो कैमरे पर आकर सफेद झूठ बोलते हैं कि ‘हमारे पास बहुत सारा गोला-बारूद है, अलग-अलग तरह का’.
सच तो ये है कि खुद हथियारों की भारी कमी से जूझने के बावजूद अमेरिका जंग में अपना खजाना लुटाने से बाज नहीं आ रहा है. इस भयंकर शॉर्टेज के बाद भी अमेरिका ने इजरायल के लिए 2.8 बिलियन डॉलर का एक नया हथियारों का पैकेज मंजूर कर दिया है. इस भारी-भरकम पैकेज के तहत अमेरिका इजरायल को 60,000 घातक और जानलेवा बम भेज रहा है. अपने घर में हथियारों के लाले पड़े हैं, लेकिन अमेरिका दुनिया भर में जंग की आग भड़काने के लिए हथियार सप्लाई करने में सबसे आगे खड़ा है.
ट्रंप का झूठ बना अमेरिका की शर्मनाक सच्चाई
भारत के विमानों के गिरने के झूठे आंकड़े गिनाने वाले अमेरिका को आज अपने ही विमानों की लाशें गिनने का भी मौका नहीं मिल रहा है. जब आसमान से अरबों डॉलर के ड्रोन्स और फाइटर जेट्स राख और कबाड़ बनकर गिरते हैं तो सुपरपावर होने का सारा नशा कुछ ही सेकंड में उतर जाता है. अब अमेरिका को समझ आ रहा होगा कि दूसरों के मामलों में झूठ बोलना कितना आसान है लेकिन वही झूठ जब अपना सच बन जाता है तो वो कितना शर्मनाक होता है.