Export : एफटीए लागू होते ही आसमान छूने लगा भारत का निर्यात, अगस्त में एक देश का ढाई गुना बढ़ गया कारोबार

Export : एफटीए लागू होते ही आसमान छूने लगा भारत का निर्यात, अगस्त में एक देश का ढाई गुना बढ़ गया कारोबार


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Singapore Export : भारत ने दुनिया के तमाम देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया है और इसका असर अब दिखने भी लगा है. अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका सहित तमाम देशों को उसका निर्यात काफी बढ़ गया है. खासकर सिंगापुर को भारत का निर्यात अगस्त में बढ़कर ढाई गुना हो गया है.

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एफटीए से भारत के निर्यात में काफी तेजी आई है.

नई दिल्ली. भारत ने अपना कारोबार बढ़ाने के लिए पिछले 2 साल से ताबड़तोड़ समझौते किए हैं. मुक्त व्यापार समझौते लागू होने का असर भी अब दिखने लगा है. वाणिज्य मंत्रालय ने अगस्त के जो आंकड़े जारी किए हैं, उससे साफ पता चलता है कि एफटीए आने के बाद भारत के निर्यात में काफी तेजी से उछाल आया है. खासकर सिंगापुर को भारत का निर्यात तो ढाई गुना बढ़ गया है. इतना ही नहीं, अमेरिका और चीन जैसे देशों में भी भारत का निर्यात काफी ज्यादा बढ़ गया है.

वाणिज्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर बताया है कि अगस्त में भारत ने अपने बड़े ट्रेडिंग पार्टनर के साथ कारोबार काफी ज्यादा बढ़ा लिया है. सिंगापुर के साथ तो अगस्त में उसका निर्यात पिछले साल के मुकाबले 160.96 फीसदी बढ़ गया है. अगस्त में यह आंकड़ा 1.9 अरब डॉलर यानी 17 हजार करोड़ से भी ज्यादा पहुंच गया है. सिंगापुर के अलावा भारत का अमेरिका के लिए निर्यात भी करीब 22 फीसदी बढ़कर 8.4 अरब डॉलर पहुंच गया है, जबकि चीन के निर्यात में भी 52 फीसदी से ज्यादा उछाल आया और कुल निर्यात अगस्त में 1.9 अरब डॉलर रहा है.

इस साल सिंगापुर को कितना निर्यात
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक सिंगापुर को निर्यात में 96.56 फीसदी का उछाल आया है, जिसका मतलब है कि यह दोगुना हो चुका है. इन 5 महीनों में कुल निर्यात बढ़कर 9.5 अरब डॉलर पहुंच गया है. भारत का निर्यात सिर्फ सिंगापुर को ही नहीं जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, ऑस्टेलिया, मलेशिया, श्रीलंका और इटली में भी अगस्त में निर्यात बढ़ गया है.

भारत और सिंगापुर का कितना कारोबार
वाणिज्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी कर बताया था कि वित्तवर्ष 2024-25 में दोनों देशों का कुल कारोबार 35.6 अरब डॉलर था. इसमें भारत का निर्यात 14.4 अरब डॉलर और आयात 21.2 अरब डॉलर रहा था. इससे पता चलता है कि तब भारत का व्यापार घाटा करीब 7 अरब डॉलर का था, लेकिन अब भारत से निर्यात लगातार बढ़ रहा है. भारत से सिंगापुर को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाएं और रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग उत्पाद भेजा जाता है.

सिंगापुर से भारत में क्या आता है
भारत आज भी सिंगापुर से पेट्रोलियम और रिफाइंड ईंधन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण और मशीनरी, रसायन, सोना व अन्य औद्योगिक उत्पाद खरीदता है. इसके अलावा सिंगापुर ने भारत में 14.94 अरब डॉलर का निवेश भी किया है. सिंगापुर यहां सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश भी है, क्योंकि इस देश ने भारत में 2000 से 2025 तक यानी करीब ढाई दशक में 175 अरब डॉलर का निवेश किया है.



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