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Who Is Vijay Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साल 2023 विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से जीत दर्ज की थी. तब उन्होंने रिश्ते में भतीजे लगने वाले भाजपा नेता विजय बघेल को हराया था. अब उनकी जीत को ही विजय ने अदालत में चुनौती दी है. उन्होंने याचिका में आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार की तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी भूपेश बघेल ने नियमों का उल्लंघन करते हुए रैलियां और जनसंपर्क अभियान चलाया.
कौन हैं विजय बघेल
Vijay Baghel vs Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ की पाटन विधानसभा से पिछले काफी सालों से भूपेश बघेल और विजय बघेल एक-दूसरे का सामना कर रहे हैं. विजय जहां बीजेपी की तरफ से मोर्चा संभालते रहे हैं, तो भूपेश के पास विधानसभा में कांग्रेस की कमान थी. साल 2023 में जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की लहर चली थी और वह पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापस आई थी, तब भी पाटन विधानसभा से भूपेश ने बीजेपी के विजय बघेल को शिकस्त दी थी. उन्होंने यह सीट 19 हजार से ज्यादा वोटों से अपने नाम की थी. बस इसके बाद से विजय कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेश के पीछे ही पड़ गए.
विजय बघेल ने एक याचिका बिलासपुर हाईकोर्ट में लगाई थी. जिसमें आरोप लगाया था कि 2023 के विधानसभा चुनाव में मतदान से 48 घंटे पहले लागू साइलेंस पीरियड के दौरान भूपेश ने रोड शो किया, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का उल्लंघन है. इस याचिका के खिलाफ भूपेश स्टे लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन उन्हें वहां मुंह की खानी पड़ी थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि हाईकोर्ट में ट्रायल के दौरान वह अपने सभी कानूनी और दूसरी आपत्तियां उठाने के लिए पूरी तरह से आजाद हैं.
भूपेश बघेल की बढ़ा दी चिंता
इसके बाद भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन अब वहां से भी उनकी अर्जी नामंजूर हो गई है. विजय बघेल ने भूपेश के निर्वाचन को चुनौती दी है. अब हाईकोर्ट में इस मामले में विजय की याचिका पर सुनवाई होगी. विजय ने उनके लिए चिंता जरूर बढ़ा दी है.
पाटन विधानसभा में भूपेश बघेल और विजय बघेल के बीच रही प्रतिद्वंदिता
छत्तीसगढ़ राज्य में विजय बघेल की गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है. वह जनता को बूथ तक खींच कर लाने में माहिर खिलाड़ी हैं. उन्होंने साल 2003 में पाटन विधानसभा से चुनाव लड़ा था, लेकिन तब वह नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार थे और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. फिर पांच साल बाद वक्त बदल गया और 2008 के विधानसभा चुनाव में उनके सामने भूपेश बघेल थे. लेकिन इस बार विजय के पास बीजेपी पार्टी थी और उन्होंने भूपेश को चुनाव में चारों खाने चित कर दिया. साल 2013 में भी पाटन से भूपेश और विजय आमने-सामने थे. तब जीत भूपेश को मिली.
अभी दुर्ग से सांसद हैं विजय बघेल
बाद में विजय बघेल की काबिलियत को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दुर्ग से सांसदी का चुनाव लड़वाया और वह भी जीते. साल 2024 में भी उन्होंने इस सीट को बरकरार रखा. खास बात ये है कि दुर्ग लोकसभा के अंदर ही पाटन विधानसभा सीट आती है. इस सीट पर 2023 में विधानसभा चुनाव में विजय ने भूपेश के खिलाफ ही चुनाव मैदान में उतरे थे. लेकिन वह 19 हजार से ज्यादा सीटों से चुनाव हार गए थे.
विजय की पाटन क्षेत्र में लोगों के बीच है गहरी पैठ
विजय बघेल केवल भाजपा के बड़े नेता ही नहीं, बल्कि भूपेश बघेल के रिश्तेदार (भतीजे) भी हैं. पाटन की जमीनी राजनीति में उनकी एक अलग और मजबूत पहचान है. वह लोगों के बीच गहरी पैठ रखते हैं. उनकी राजनीति की सबसे बड़ी खासियत उनका आक्रामक रुख और सीधे संवाद की शैली है. वह जमीनी मुद्दों को लेकर हमेशा आक्रामक रुख अपनाते हैं और पाटन क्षेत्र में भूपेश के सबसे बड़े सियासी प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं.