जयपुर. राजस्थान में मानसून की विदाई के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम और नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 27 से 29 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.आईएमडी के अनुसार पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के साथ शेखावाटी के कुछ हिस्सों में 27 से 28 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 और 28 सितंबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास भी हल्की बारिश की संभावना है.
राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के बीच पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं
पूर्वी राजस्थान के इन जिलों में बारिश के आसार
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है और राजस्थान में इसकी विदाई लगातार आगे बढ़ रही है.
29 सितंबर तक बनी रहेगी बारिश की गतिविधियां
27 और 28 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के साथ शेखावाटी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इन जिलों में चल सकती है 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा
• राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के बीच पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
• जयपुर, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के सभी हिस्सों से मानसून विदा हो चुका है, जबकि कोटा और उदयपुर के कुछ इलाकों में असर बाकी है.
• 27 और 28 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के साथ शेखावाटी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
• अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली और सीकर समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 और 28 सितंबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास हल्की बारिश संभव है.
• बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
• उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश का डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर कमजोर होने की स्थिति में पहुंच गया है.
• फलोदी में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है.
राजस्थान का फलौदी रहा सबसे गर्म जिला
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फलोदी में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे साफ है कि मानसून की विदाई के बीच राजस्थान में मौसम के दो अलग रंग दिखाई दे रहे हैं. पूर्वी हिस्सों में बादल और बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है. मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के साथ पश्चिमी विक्षोभ का ट्रफ भी सक्रिय है. इसका असर 27-29 सितंबर के बीच राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मौसम बदलाव के रूप में दिखाई दे सकता है. फिलहाल व्यापक बारिश के बजाय स्थानीय और छिटपुट गतिविधियों की संभावना ज्यादा है.
अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली और सीकर समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं
राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के बीच मौसम कैसा रहेगा?
जयपुर में 27 और 28 सितंबर को मौसम कैसा रहेगा?
जयपुर में 27 और 28 सितंबर को बादल छाने के साथ बारिश या बूंदाबांदी के दौर देखने को मिल सकते हैं. गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलने की संभावना है. आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं और वज्रपात की संभावना जताई है. हालांकि बारिश पूरे जिले में एक समान नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर अंतर रह सकता है.
किन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की संभावना है?
राजस्थान में मानसून की विदाई कहां तक पहुंची है?
पश्चिमी राजस्थान में बारिश होगी या गर्मी जारी रहेगी?