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Dragon Fruit Cultivation: मिर्जापुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती का चलन बढ़ा है. वर्तमान में 360 एकड़ में 365 किसान ड्रैगन की खेती से जुड़े हुए हैं. ड्रैगन की खेती के लिए उद्यान विभाग की ओर से प्रति हेक्टेयर 2 लाख 70 हजार की अनुदान राशि भी दी जा रही है. वहीं इसकी खेती का सही समय जुलाई से सितंबर तक जबकि जून से दिसंबर तक तैयार होती है. एक एकड़ में 40 से 50 क्विंटल तक पैदावार भी होती है.
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में अब बहुतायत मात्रा में ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है. मिर्ज़ापुर जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती 2017 में शुरू हुई थी, जहां लगभग नौ वर्षों में ड्रैगन फ्रूट का रंग इतना बढ़ा कि पूरे देश में सबसे ज़्यादा ड्रैगन फ्रूट की खेती मिर्जापुर में हो रही है. सबसे खास बात ये है कि किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. जहां अब करीब 365 से ज़्यादा किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें अनुदान का लाभ भी मिल रहा है और उनकी आमदनी भी दोगनी हो गई है.
2017 में जिला उद्यान अधिकारी के पहल के बाद ड्रैगन फ्रूट की खेती से शुरू में एक से दो किसान ही इस खेती से जुड़े हुए थे, हालांकि समय बढ़ने के साथ ही ड्रैगन फ्रूट की खेती के साथ कई किसान जुड़ गए. जहां नवाचार खेती शुरू किया. धीरे-धीरे पैदावार बढ़ना शुरू हुआ और अब मिर्ज़ापुर जिले में करीब 360 एकड़ जमीन पर 365 से ज्यादा किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. ड्रैगन फ्रूट की खेती से करीब एक एकड़ में 45 से 50 कुंटल पैदावार भी हो रहा है, इससे उनकी आमदनी भी वृद्धि हुई है और परंपरागत खेती से छोड़कर नवाचार खेती की ओर किसान अग्रसर भी हुए हैं.
प्रति हेक्टेयर 2 लाख 70 हजार का अनुदान
मिर्ज़ापुर जिले में शुरुआती दिनों में करीब पांच से दस एकड़ जमीन में ही ड्रैगन फ्रूट की खेती हुआ करती थी. साल दर साल ड्रैगन फ्रूट की खेती का रकबा बढ़ता चला गया और अब वर्तमान समय में ड्रैगन फ्रूट की खेती करीब 360 एकड़ में हो रही है. ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति हेक्टेयर दो लाख 70 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है. ऐसे में किसान अगर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करना चाहते हैं तो जुलाई माह के बाद से शुरू कर सकते हैं और सितंबर माह तक खेती कर सकते हैं. जिला उद्यान अधिकारी के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के करीब दो सालों के बाद पैदावार होना शुरू हो जाता है. साल में जून से दिसंबर माह तक ड्रैगन फ्रूट का पैदावार होता है, जहां बाजार में इसकी तगड़ी डिमांड रहती है.
ड्रैगन की खेती से जुड़ी हैं महिलाएं
खास बात यह है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती से न सिर्फ पुरुष बल्कि महिला किसान भी जुड़े हुए हैं. मिर्जापुर जिले में करीब 30 से ज्यादा महिला किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रही हैं. ड्रैगन फ्रूट की खेती करके मालामाल भी हो रही हैं. मिर्जापुर जिले में पैदा होने वाले ड्रैगन फ्रूट को लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी सहित अन्य बाजारों में भेजा जाता है, जहां से यहां के ड्रैगन फ्रूट भी गल्फ कंट्री में भी गए हुए हैं. अलग-अलग जगहों पर इसको एक्सपोर्ट भी किया जाता है. डिमांड के हिसाब से इसकी बिक्री होती है. करीब 300 से 400 किलो के दर से ड्रैगन फ्रूट की बिक्री की जाती है. गर्मियों के सीजन में इसकी डिमांड तेज रहती है, जहां ड्रैगन फ्रूट करीब 500 से 600 रुपये किलो तक भी बिकता है.
किसानों को किया जा रहा है प्रोत्साहित
जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. ऐसे में किसानों को अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है. यही वजह है कि मिर्ज़ापुर जिला अब ड्रैगन फ्रूट की खेती का हब बन चुका है. जिन नए किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती करना चाहते हैं, वो उद्यान विभाग में संपर्क कर सकते हैं. अनुदान के साथ ही उन्हें ड्रैगन फ्रूट के पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े.