तालिबान ने पाकिस्तान की खोली पोल, हूती से आंख मिलाने की हिम्मत नहीं, इसलिए अफगानिस्तान पर दिखा रहा ताकत- Taliban Pakistan News Houthi

तालिबान ने पाकिस्तान की खोली पोल, हूती से आंख मिलाने की हिम्मत नहीं, इसलिए अफगानिस्तान पर दिखा रहा ताकत- Taliban Pakistan News Houthi


Agency:एजेंसियां

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Pakistan Houthi News: हूती हमलों के बीच तालिबान ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाया है. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का दावा है कि पाकिस्तान घरेलू राजनीतिक और आर्थिक परेशानियों में फंसा है. इनसे ध्यान हटाने के साथ मक्का रक्षा समझौते की जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान में संघर्ष बढ़ा रहा है.

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तालिबान ने पाकिस्तान पर साधा निशाना. (Reuters/सांकेतिक)

Macca Defence Pact: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर दिया है. सऊदी अरब की इच्छा है कि मक्का पैक्ट के तहत उसकी मदद के लिए पाकिस्तान और तुर्की उतरें. इसके लिए शुक्रवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मीटिंग भी हुई. लेकिन मीटिंग सिर्फ निंदा तक ही रही. यानी हूतियों से लड़ने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की बात नहीं हुई. अब तालिबान ने पाकिस्तान की उस चाल की पोल खोल दी है, जिसके जरिए वह सऊदी अरब के लिए लड़ने से बच रहा है. तालिबान ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में हालिया हवाई हमलों को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तान अपने घरेलू राजनीतिक और आर्थिक संकट से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान मक्का रक्षा समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान के साथ संघर्ष को आगे बढ़ा रहा है. ताकि वह यह दिखा सके कि उसकी सेना पहले से ही अपने घर में फंसी है. मुजाहिद ने यह बयान कंधार के एक धार्मिक मदरसे में दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अंदर राजनीतिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. ऐसे में अफगानिस्तान पर हमले करके लोगों का ध्यान इन मुद्दों से हटाने की कोशिश की जा रही है.

मक्का समझौते को लेकर भी लगाया आरोप

दरअसल, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. समझौते के तहत अगर तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा. मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ युद्ध का माहौल बनाकर इस समझौते से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहता है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान एक पड़ोसी इस्लामिक देश है और उसकी सीमा में सैन्य कार्रवाई करके पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है.

तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान के राजनीतिक हालात पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि वहां राजनीतिक गतिविधियों की गुंजाइश कम हुई है और लोगों को कानून के तहत मिलने वाली स्वतंत्रता भी प्रभावित हुई है. उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए.

कंधार समेत तीन प्रांतों में हमले का दावा

मुजाहिद का यह बयान पाकिस्तान की सेना की ओर से अफगानिस्तान के कंधार, पकतिया और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए जाने के दावे के बाद आया है. तालिबान के मुताबिक इन हमलों में चार नागरिकों की मौत हुई है. मुजाहिद ने सोशल मीडिया पोस्ट में इन हमलों की निंदा की और इन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ऐसे हमलों का उचित जवाब देगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से अफगान लोगों में गुस्सा बढ़ेगा और इसका असर पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर भी पड़ सकता है.

कुछ दिन पहले भी हुए थे हमले

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव पहले भी बढ़ चुका है. मुजाहिद के मुताबिक, कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी हवाई हमले किए थे. उन हमलों में तीन लोगों की मौत होने का दावा किया गया था. मुजाहिद ने 21 सितंबर को हुए हमलों की भी निंदा की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र और आम नागरिकों को निशाना बनाया. साथ ही उन्होंने तब भी कहा था कि अफगानिस्तान इन हमलों का जवाब देगा. अब कंधार, पकतिया और खोस्त में नए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है.



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