मुख्यमंत्री परिवहन सेवा: CCTV कैमरा, ऑनलाइन टिकट; MP के इन 7 शहरों में चली बसों में क्या-क्या सुविधाएं

मुख्यमंत्री परिवहन सेवा: CCTV कैमरा, ऑनलाइन टिकट; MP के इन 7 शहरों में चली बसों में क्या-क्या सुविधाएं


Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश वासियों के लिए यातायात का एक नया रास्ता खोला है. उन्होंने प्रदेश के 7 शहरों में करीब 351 बसों के लिए हरी झंडी दिखाई है. बताया जा रहा है कि 21 साल बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा दोबारा शुरू हो रही है. इस दौरान सीएम ने कहा कि हमारी सड़क परिवहन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज स्थित जनजातीय क्षेत्रों को भी मिलेगा. गरीब और जरुरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार ने सेवा का संकल्प लिया है. हमारी सरकार में सड़कों का जाल बिछ रहा है. बताया जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश में करीब 15000 बसों को चलाया जाएगा.

इन 7 शहरों में चलेंगी बसें
अभी 351 कुल बसें सिर्फ शहरों में ही चलाई गई हैं. इनमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं. दो कैटेगरी में बस सेवाएं शुरू होंगी. इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं. ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच चलेंगी. वहीं 231 इंट्रासिटी बसें एक ही शहर के भीतर चलेंगी और लोगों को सस्ती यात्रा देंगी. इंदौर में पहले फेज में कुल 145 बसें चलेंगी, जिसमें से 50 इंटरसिटी और 395 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं.

मुख्यमंत्री परिवहन सेवा योजना से लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के एक आधुनिक और यूनिक मॉडल की शुरुआत हो रही है. बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, जीपीएस मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, शिकायतों के समाधान सहित कई प्रकार से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा के प्रबंधन भी किए गए हैं.

साल 2029 तक सभी रूटों पर भगवा रंग की बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन को सुगम बनाएंगी. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशनों के साथ सुव्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली भी लागू की गई है.

बताया जा रहा है कि यह एक ऐसा परिवहन तंत्र है, जो यात्रा के समय को कम करेगा और सफर को अधिक सुगम बनाएगा. पूरे प्रदेश में आधुनिक-सुविधाजनक बस स्टॉप, बस टर्मिनल और निजी बस ऑपरेटरों के लिए बस डिपो विकसित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में ऑनलाइन टिकटिंग, ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरण अनुकूल आधुनिक बसें, शामिल होंगी. यात्री फीडबैक के आधार पर शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए 24×7 कस्टमर केयर सुविधा रहेगी.

क्या बोले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश को 972 पीएम-ई बसें मिली हैं. प्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की आवश्यकता है. अभी 8 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर हैं. इसके अलावा 21 और शुरू करने की आवश्यकता है. प्रदेश में 6 और ऑपरेशनल टेस्टिंग सेंटर खोलने के लिए मंजूरी दी गई है.



Source link