400 साल पुराना रहस्यमयी वन देवी मंदिर, जहां रात में ठहरने पर मिलती है सिर्फ दहशत, जानें मंदिर का वह सच जिस पर बनी है बॉलीवुड फिल्म!

400 साल पुराना रहस्यमयी वन देवी मंदिर, जहां रात में ठहरने पर मिलती है सिर्फ दहशत, जानें मंदिर का वह सच जिस पर बनी है बॉलीवुड फिल्म!


होमताजा खबरधर्म

400 साल पुराना रहस्यमयी वनदेवी मंदिर, जहां रात में ठहरने पर मिलती है दहशत

Last Updated:

Maa Van devi Temple: 400 साल पुराना एक रहस्यमयी वन देवी मंदिर, जहां सूर्यास्त के बाद जंगल में प्रवेश वर्जित है, एक बार फिर चर्चा में है. सिद्धार्थ और तमन्ना की फिल्म ने इस प्राचीन मंदिर और उससे जुड़े रहस्यों को उजागर किया है. यह मंदिर सदियों से स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र रहा है, लेकिन इसके आसपास के जंगल में रात के समय जाने पर कई तरह की पाबंदियां हैं. फिल्म ने इन पाबंदियों के पीछे की कहानियों और मंदिर के इतिहास को नए सिरे से दर्शकों के सामने पेश किया है.

Zoom

Maa Van devi Temple: बिहार की राजधानी पटना के आसपास कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनसे जुड़ी मान्यताएं आज भी लोगों को हैरान करती हैं. इन्हीं में से एक है घने जंगल के बीच स्थित वन देवी मंदिर, जिसे स्थानीय लोग करीब 400 साल पुराना बताते हैं. मंदिर से जुड़ी लोककथाएं और रहस्यमयी मान्यताएं इसे आम धार्मिक स्थलों से अलग बनाती हैं. कहा जाता है कि यहां सूरज ढलने के बाद जंगल की ओर जाने से लोग बचते हैं. खास बात यह है कि अब वन देवी मंदिर और इससे जुड़ी लोककथाओं ने इसे बॉलीवुड की चर्चाओं में भी ला दिया है. सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ की कहानी को इस तरह की रहस्यमयी लोककथाओं और जंगल की पृष्ठभूमि से प्रेरित बताया जा रहा है.

जंगल के बीच विराजती हैं वन देवी
स्थानीय मान्यता के अनुसार, वन देवी को जंगल और वहां रहने वाले जीव-जंतुओं की रक्षक देवी माना जाता है. यहां माता की पूजा किसी पारंपरिक प्रतिमा के रूप में नहीं बल्कि पवित्र पिंड के रूप में की जाती है. मंदिर के आसपास कभी घना जंगल हुआ करता था और दूर-दूर तक आबादी नहीं थी. इसी वजह से यहां विराजमान देवी को वनदेवी कहा जाने लगा. तभी से इस स्थान को लेकर कई तरह की लोककथाएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती रही हैं. कहा जाता है कि शाम होने के बाद जंगल का माहौल बिल्कुल बदल जाता है. अंधेरा होने के बाद लोग मंदिर से आगे जंगल में जाने से परहेज करते हैं.

शाम होते ही कपाट बंद
बताया जाता है कि शाम होते ही मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं और पुजारी भी वहां से चला जाता है. यहां रात के समय मंदिर और आसपास के जंगल में किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि सूर्यास्त के समय वन देवी जंगल में विचरण करती हैं. लोगों का यही विश्वास फिल्म की कहानी का सबसे अहम आधार है. फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा का किरदार इस निषेध इलाके में प्रवेश कर जाता है और फिर शुरू होता है डर, रहस्य और अलौकिक शक्तियों का सामना.

वन देवी मंदिर को लेकर स्थानीय कहानियां
वन देवी मंदिर को लेकर कई स्थानीय कहानियां प्रचलित हैं. इनमें जंगल में देवी की मौजूदगी, संकट के समय लोगों की रक्षा और रात के समय जंगल में अजीब घटनाएं होने जैसी बातें शामिल हैं. बताया जा रहा है कि मेकर्स ने इस फिल्म को बनाने से पहले इस मंदिर में देवी के दर्शन किए थे. साथ ही आस-पास के लोगों से लेकर मंदिर पुजारी और संतों से बातचीत करके इसका महत्व जाना.

विद्यानंद मिश्रा से जुड़ी लोककथा
एक मशहूर लोककथा विद्यानंद मिश्रा से जुड़ी है. लोककथा के अनुसार, विद्यानंद मिश्रा विद्याचली माता के बड़े भक्त थे. मान्यता है कि वह देवी के दर्शन के लिए मिर्जापुर के मां विन्ध्यवासिनी धाम जाया करते थे. मगर जैसे जैसे समय का चक्र चलता गया और उम्र बढ़ती गई तो इतनी दूर जाकर पूजा करने में मुश्किल आने लगीं लेकिन इससे उनकी भक्ति कम नहीं हुई. मान्यता के अनुसार, एक दिन मां विंध्यवासिनी ने अपने भक्त को सपने में दर्शन दिए और उन्होंने अपनी पिंड का एक हिस्सा स्थानीय जंगल में स्थापित करने का निर्देश दिए. इसके बाद भक्त ने अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर की सीमा के पास इस पवित्र पिंड को स्थापित किया. बताया जाता है कि उस समय वहां केवल जंगल था इसलिए इस माता का नाम वनदेवी हो गया.

फिल्म की वजह से लोगों में दिलचस्पी बढ़ी
फिल्म के चलते वन देवी मंदिर और इससे जुड़ी कहानियों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है, अब पहले से ज्यादा लोग यहां दर्शन करने के लिए आ रहे हैं. हालांकि, किसी फिल्म में दिखाई गई कहानी और वास्तविक लोककथा को एक समान मानना सही नहीं होगा. यही वजह है कि पटना का यह रहस्यमयी मंदिर आज धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोककथाओं और सिनेमा के कारण भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

कहां पर स्थित है वनदेवी का मंदिर?
वनदेवी का मंदिर बिहार के बिहटा के पास स्थित है. यह राजधानी पटना से तकरीबन 35 किमी पश्चिम की ओर हो, जिसके पास अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमाओं भी स्थित हैं. वनदेवी का मंदिर कोई विशाल मंदिरों की तरह नहीं है बल्कि जंगल और ग्रामीण परिवेश की बीच मौजूद यह छोटा सा धार्मिक स्थल है. यह मंदिर अपनी बनावट की वजह से लोगों का ध्यान खींचता है.



Source link