Explained: करवाचौथ के बाद छठ पर बॉलीवुड की नजर! घाट पर उतरीं हसीनाएं, बिहार-पूर्वांचल की ऑडियंस को साधने की कोशिश?

Explained: करवाचौथ के बाद छठ पर बॉलीवुड की नजर! घाट पर उतरीं हसीनाएं, बिहार-पूर्वांचल की ऑडियंस को साधने की कोशिश?


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तमन्ना भाटिया की आने वाली फिल्म द वन का छठी मैया गाना काफी सुर्खियों में रहा. इसके बाद आयुष्मान खुराना-शरवरी वाघ की फिल्म के गाने में भी छठ की झलक देखने को मिली. तो चलिए हिंदी फिल्मों में अचानक छठ को प्रमुखता से क्यों दिखाया जाने लगा है, समझाते हैं.

बॉलीवुड में अब तक कई त्योहारों को प्रमुखता से दिखाया जाता रहा है. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘बागवान’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ से लेकर ‘बीवी नंबर 1’ जैसी तमाम फिल्मों में करवा चौथ के सीन्स देखने को मिलते हैं. अब लगता है बॉलीवुड की नजर महापर्व छठ पर. ऐसा ही लग रहा है जब से तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ का ‘छठी मैया’ गाना रिलीज हुआ है. इसके बाद शरवरी वाघ-आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में भी छठ के सीन्स दिखाई दिए. ‘द वन’ के मेकर्स का दावा है कि उन्होंने छठ को पहली बार बड़े मेनस्ट्रीम बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में ज्यादा प्रमुखता से दिखाया है. Image Courtesy- YoutubeGrab

वह खुद बिहारी हैं. ऐसे में इस गाने को बनाने और निर्माण करने से पहले उन्होंने खुद दस बार सोचा. वह इस त्योहार की आस्था और वैज्ञानिक कारणों को भी समझते हैं. उन्होंने बताया कि पहली बार हिंदी सिनेमा में इस तरह से छठ पूजा को पेश किया गया है. ऐसे में उन्होंने शूटिंग में हर बारीक चीजों का ध्यान रखा.Image Courtesy- YoutubeGrab

‘द वन’ के मेकर्स खुद बताते हैं आखिर क्यों उन्होंने छठ के गीत को फिल्म में शामिल किया. फिल्म के राइटर और निर्माता अरुणाभ कुमार ने छठी मैया गाने पर रिएक्ट किया. उन्होंने बताया कि फिल्म में छठ का गाना सिर्फ किसी अट्रैक्शन की वजह से शामिल नहीं किया गया. बल्कि फिल्म की कहानी छठ पूजा के त्यौहार के दौरान की है.

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खुद जावेद अख्तर जैसी शख्सियत इस बात पर जोर दे चुकी है कि भारत में दर्शकों की संख्या के हिसाब से थिएटर्स की कमी है. इसका मतलब यह है कि इस कमी की वजह से कई दर्शक तो थिएटर पहुंच ही नहीं पाते. उदाहरण के लिए उत्तराखंड के बागेश्वेर नगर को ले लीजिए. यहां खूब बसावट है. खूब मार्केट है मगर थिएटर एक भी नहीं. इस तरह के कई नगर और शहर होंगे जहां एक भी थिएटर नहीं है.Image Courtesy- YoutubeGrab

बॉलीवुड में छठ पूजा की एंट्री 2026 से नहीं, बल्कि कई दशक पहले हो चुकी थी. 1961 की फिल्म ‘भैया’ में छठ पूजा पर आधारित गाना शामिल किया गया था. इस ‘सुपवे नरियरवे’ गाने में छठ पूजा के दृश्य दिखाए गए हैं, जहां भक्त डलिए में प्रसाद लेकर घाट तक जाते और पानी में उतरकर पूजा करते नजर आते हैं. इस गीत को बिना किसी रंग के बिल्कुल सादगी के साथ फिल्माया गया था जिसे ऊषा मंगेशकर ने आवाज दी थी तो म्यूजिक बी.एन शर्मा ने. गाने के बोल प्रेम धवन और Vindhyavasini Devi ने लिखे थे.Image Courtesy- YoutubeGrab

मगर ये बात एकदम सही है कि छठ पूजा को प्रमुखता से बॉलीवुड फिल्मों में अब दिखाया गया है. 2026 में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ में ‘छठी मैया’ को बाकायदा प्रमुख गाने के तौर पर पेश किया गया जिसे विशाल मिश्रा ने गाया. जहां तमन्ना भाटिया बिल्कुल सुहागिन अवतार में नजर आईं. इसके तुरंत बाद ‘ये प्रेम मोल लिया’ के टाइटल ट्रैक में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ भी छठ पूजा करती नजर आईं. अब लोगों के मन में सवाल ये उठ रहा है कि बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मों में छठ के ये गाने सिर्फ एक संयोग है या बदलती ऑडियंस की पसंद का संकेत….यह सवाल उठना स्वाभाविक है.Image Courtesy- YoutubeGrab

बिहार से पूर्वांचल तक हिंदी पट्टी के दर्शकों की संख्या भी ज्यादा है. मतलब किसी हिंदी फिल्म का चलना या न चलना इनके हाथ में बखूबी होता है. छठ के पर्व को दिखाकर मेकर्स एक बड़ा कदम तो उठा रहे हैं. बेशक इसे आप ये एक नया एक्सपेरिमेंट समझिए या फिर सोची समझी रणनीति. सितारे खूब जोरों शोरों से अपनी फिल्में लेकर इन राज्यों में जाते हैं. तो इस बार मेकर्स ने क्षेत्रिए त्योहारों के महत्व को समझते हुए इसे भी फिल्मों में मुख्य तौर पर शामिल किया है.

हिंदी सिनेमा के लिए बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड का हिस्सा किसी हार्टलैंड से कम नहीं है. तभी तो हिंदी पट्टी के दर्शकों को देखते हुए दिवाली से लेकर करवा चौथ तक की धूम फिल्मों में खूब देखने को मिलती. लोहड़ी से लेकर होली के गानों को फिल्मों में शामिल किया जाता रहा है. अब स्थानीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों के भावनात्मक जुड़ाव को समझते हुए मेकर्स ने छठ गीतों का इस्तेमाल भी शुरू किया है. Image Courtesy- YoutubeGrab

हाल के वर्षों में बड़े पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स के सुपरस्टार्स (कन्नड़ स्टार यश से लेकर पुष्पा स्टार अल्लू अर्जुन) ने भी बिहार, यूपी और छोटे शहरों को अपने प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए चुना. अगर आकंड़ों की बात करें तो UP सरकार (up.gov.in) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश NCR और मुंबई मिलकर फिल्मों के कलेक्शन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इन शहरों के दर्शकों के दम पर कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का करीब 60% हिस्सा दे पाते हैं. Image Courtesy- YoutubeGrab

बताया जा रहा है कि द वन फिल्म की कहानी का कनेक्शन बिहार के पौराणिक मंदिर से जुड़ी है. फिल्म में 400 साल पुराने न देवी मंदिर से जुड़ी कहानी को दिखाया जाएगा. मंदिर से जुड़े कई लोककथाएं और चमत्कार की कथाएं फेमस हैं. ये मंदिर पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर है. अब इन डिटेल के बाद ये तो साफ है कि मेकर्स ने छठ का गीत भी इसलिए शामिल किया है क्योंकि उनकी कहानी बिहार से जुड़ी है. Image Courtesy- YoutubeGrab

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