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Sleeper Bus Fire Accident: महोबा जा रही स्लीपर बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई. वहीं हादसे के बाद फरार बस के ड्राइवर और कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है कि किन वजहों से बस में आग लगी है.
स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई थी.
गौतमबुद्धनगरः ग्रेटर नोए़डा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने की घटना के बाद फरार ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से एक महिला समेत नौ लोगों की मौत हो गई. जबकि 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पंजीकरण संख्या बीआर32पीए8647 वाली बस नयी दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी, तभी जेवर थाने इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर उसमें आग लग गई.
20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया
कुमार ने कहा, ‘‘सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी, बचावकर्मी, जेवर टोल प्लाजा पर तैनात एक दमकल गाड़ी और चार अन्य दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझायी.’’ उन्होंने बताया, ‘‘इस अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया. जब पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मचारी धुएं के बीच बस के अंदर घुसे, तो वहां नौ लोग मृत पाए गए. ऐसा लगता है कि उनकी मौत जलने या दम घुटने से हुई थी.’’ कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि बस की एयर-कंडीशनिंग प्रणाली में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के ‘लुब्रिकेंट ऑयल’ में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई.
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा
पुलिस ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है तथा बस के चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है.’’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए.