Ground Report: पुलिस पेट्रोलिंग अच्छे से होती तो किसी आदमी की हिम्मत नहीं होती कि यहां पर खुले में मास्टरबेट करे

Ground Report: पुलिस पेट्रोलिंग अच्छे से होती तो किसी आदमी की हिम्मत नहीं होती कि यहां पर खुले में मास्टरबेट करे


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पुलिस पेट्रोलिंग अच्छे से होती तो हिम्मत नहीं कि कोई खुले में मास्‍टरबेट करे

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Ground report: दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में गैंगरेप के बाद लेडी श्री राम कॉलेज में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं. छात्राओं का कहना है क‍ि वे द‍िल्‍ली में सुरक्ष‍ित नहीं हैं, अगर यहां पुल‍िस पेट्रोल‍िंग मजबूत होती तो क‍िसी की ह‍िम्‍मत नहीं होती क‍ि वह यहां खुले में मास्‍टरबेट करे. प्रशासन भी नहीं सुनता है.

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पुलिस पेट्रोलिंग अच्छे से होती तो किसी आदमी की हिम्मत नहीं होती कि यहां पर खुले में मास्टरबेट करे.

दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. इसकी वजह से साउथ दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं. छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलेज ने यह बड़ा फैसला लिया है. हालांकि इस एक फैसले से छात्राओं का डर और पीड़ा खत्म नहीं हो जाती. जब News18 इंड‍िया की टीम द‍िल्‍ली की लड़क‍ियों के पास पहुंची और ग्राउंड जीरों पर जाकर व‍ास्‍त‍व‍िकता की जांच की जो उन्‍होंने आसपास के खौफनाक माहौल और उसमें सुरक्षित रहने की अपनी जद्दोजहद के बारे में खुलकर बताया. लेडी श्री राम कॉलेज की छात्राओं ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए अपना दर्द भी साझा किया.

एक छात्रा ने कॉलेज के आसपास के डरावने माहौल और यहां पुल‍िस पेट्रोलिंग को लेकर कहा क‍ि अगर यहां पुल‍िस इतनी मजबूती से गश्‍त कर रही होती किसी आदमी की हिम्मत नहीं होती कि यहां पर खुले में मास्टरबेट करे, लेक‍िन दिल्ली में आए दि‍न लड़क‍ियां ऐसी घिनौनी हरकतें और घटनाएं देखने को मजबूर हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम कभी भी दिल्ली में सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं. दिन हो या रात. यहां तक कि पूरे भारत में भी नहीं करते हैं क्योंकि प्रशासन साथ नहीं देता. किसी को भी बोलो तो यह सुनने में आता है कि यह सब तो होता रहता है. लड़कियों को सहना पड़ता है.

वहीं दूसरी लड़की ने बताया, ‘हमने अब इन हालातों को अडॉप्ट कर लिया है. ये भी समझ लिया है कि सेल्फ डिफेंस इज द वे टू डील विद… हमें खुद का ध्यान रखना है. जब हम अकेले जाते हैं तो एक हाथ पेपर स्प्रे पर रहता है क्योंकि पता नहीं कब कौन सी मुसीबत सामने आ जाए. जब ग्रुप में जाते हैं तो सेफ महसूस करते हैं.’

कॉलेज, पार्क और पीजी के आसपास के इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर भी लड़कियों ने साफ-साफ कहा कि यहां कभी-कभी ही पुलिस की गाड़ियां घूमती हैं. यहां पुलिस की पेट्रोलिंग इफेक्टिव नहीं है. अगर पेट्रोलिंग अच्छे से होती तो किसी आदमी की हिम्मत नहीं होती कि यहां पर खुले में मास्टरबेट करे. भरे उजाले में किसी लड़की को हाथ लगाए. यहां छेड़छाड़ की घटनाएं भी आम हैं. जबकि घूरना, पीछा करना तो काफी ज्यादा है.’

लड़कियों ने पुलिस के पिक अप बूथ के बारे में भी दिखाते हुए बताया कि देखिए वहां कोई मौजूद नहीं होता. यहां पुलिस की मौजूदगी सिर्फ नाम की है. बस लिखा रहता है, कोई पुलिसकर्मी देखने के लिए नहीं होता.

डीयू के गार्गी कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बताया कि रात और शाम तो छोड़िए, कई कॉलेजों को जाने वाले रास्ते दोपहर में भी इतने सुनसान होते हैं कि वहां से अकेले गुजरने में भी लड़कियों को डर लगता है. कई बार मेट्रो स्टेशनों से रूम या पीजी में जाने में भी डर लगता है. लड़कियां कई बार छेड़छाड़ या गलत नीयत से पकड़ने की कोशिश करने वालों की कॉलेज के गेट पर छात्राओं के व्‍हाट्सएप ग्रुप पर शिकायत कर चुकी हैं और बाकी सब को आगाह कर चुकी हैं. कई लड़कियों ने बताया कि कुछ आवारा किस्म के लड़के कॉलेज के आसपास मंडराते हैं और लड़कियों के निकलने का इंतजार करते हैं फिर पीछा करते हैं, घूरते हैं. यहां के पार्क भी सुरक्षित नहीं हैं. दो लड़कियां भी एक साथ पार्क में नहीं जा सकतीं, क्या पता कौन घात लगाए बैठा हो.



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