ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में बदहाल सड़कें बनीं छात्रों की मुसीबत, खुले नाले दे रहे हादसों को दावत, अधिकारियों से की अपील

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में बदहाल सड़कें बनीं छात्रों की मुसीबत, खुले नाले दे रहे हादसों को दावत, अधिकारियों से की अपील


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Greater Noida News: नॉलेज पार्क-3 में कई शिक्षण संस्थान और हॉस्टल हैं, जहां दूर-दराज के क्षेत्रों के अलावा देश-विदेश से भी छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. छात्रों का कहना है कि कॉलेज जाने के लिए उन्हें रोजाना खराब सड़कों और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ता है. वहीं, पैदल चलने वाले छात्रों को धूल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है.

ग्रेटर नोएडाः नॉलेज पार्क-3 में बदहाल सड़कें, जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और खुले नाले छात्रों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. क्षेत्र में बड़ी संख्या में कॉलेज और हॉस्टल होने के कारण यहां रोजाना हजारों छात्र आवाजाही करते हैं. इसके बावजूद सड़क और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सड़क पर वाहनों के गुजरने से लगातार धूल उड़ती रहती है, वहीं बड़े गड्ढों के कारण हादसे का खतरा बना रहता है. बताया कि यहां एक लाख से अधिक छात्र रहते है. स्थानीय लोगों और छात्रों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है.

कॉलेज जाने के लिए उठानी पड़ती है परेशानी

नॉलेज पार्क-3 में कई शिक्षण संस्थान और हॉस्टल हैं, जहां दूर-दराज के क्षेत्रों के अलावा देश-विदेश से भी छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. छात्रों का कहना है कि कॉलेज जाने के लिए उन्हें रोजाना खराब सड़कों और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ता है. वहीं, पैदल चलने वाले छात्रों को धूल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है. बीबीए छात्र वैभव ने बताया कि वह पास के कॉलेज में पढ़ाई करते हैं और नॉलेज पार्क-3 में रहते हैं. कॉलेज आने-जाने के दौरान उन्हें रोजाना खराब सड़क और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई जगह बड़े नाले खुले हुए हैं. इनमें लोहे की छड़ें भी बाहर निकली हुई हैं. ऐसे में कभी भी कोई छात्र या राहगीर इनमें गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है. उन्होंने अधिकारियों से तत्काल इन खुले नालों को सुरक्षित कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की.

खुले नाले देते हैं हादसे को दावत

स्थानीय निवासी अरुण नगर ने बताया कि नॉलेज पार्क-3 में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ने और रहने के लिए आते हैं. इसके बावजूद यहां सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी बारिश का मौसम भी नहीं है, लेकिन सड़क से काफी ज्यादा धूल उड़ रही है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने खुले नालों की ओर भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि कई जगह नाले खुले पड़े हैं और उनमें सरिया निकली हुई है. ऐसे स्थानों पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है. कहा की यहां एक लाख से अधिक छात्र रहते है. स्थानीय निवासी जोगिंदर खारी ने कहा कि क्षेत्र की समस्या काफी गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं. खुले नाले उनके लिए खतरा बने हुए हैं. इसके साथ ही सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने संबंधित विभाग से सड़क की स्थिति सुधारने और खुले नालों को ढकने की मांग की.

लोगों में सुरक्षा को लेकर बना है डर

स्थानीय प्रोफेसर आरबी सिंह ने बताया कि वह नॉलेज पार्क-3 में प्रोफेसर हैं और यहां छात्रों को पढ़ाते हैं. कहा कि क्षेत्र में तमाम कॉलेज और हॉस्टल हैं और बड़ी संख्या में छात्र यहां रहते हैं. दूर-दूर से छात्र पढ़ाई करने के लिए यहां आते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.

छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नॉलेज पार्क-3 शिक्षा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन खराब सड़कें, उड़ती धूल और खुले नाले इसकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. लोगों को डर है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और खुले नालों को सुरक्षित कराने की मांग की है.



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