नेपाल त्रिशूली के तूफान में ताश के पत्तों की तरह बिखरीं इमारतें पर एक घर रहा अडिग, दरभंगा के इंजीनियर ने बताया राज

नेपाल त्रिशूली के तूफान में ताश के पत्तों की तरह बिखरीं इमारतें पर एक घर रहा अडिग, दरभंगा के इंजीनियर ने बताया राज


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How To Build Strong Foundation Of Home: नेपाल की त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ के बावजूद एक घर पूरी तरह सुरक्षित रहा और चर्चा का विषय बना. दरभंगा के इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि यह घर कैसे बनाया गया होगा जिससे यह आपदा में भी टिका रहा. इससे घर बनवाने वाले बाकी लोग भी प्रेरणा ले सकते हैं.

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दरभंगा: नेपाल की त्रिशूली नदी में आए भीषण तूफान और बाढ़ की वजह से कई लोग बेघर हो गए. नदी में पानी की धारा इतनी तेज थी कि दो मंजिला और तीन मंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. लेकिन इसी बीच एक मकान की ऐसी तस्वीर सामने आई, जो अपनी जगह से जरा भी नहीं हिला और न ही गिरा. इस मकान को देखकर लोगों के मन में जिज्ञासा बढ़ने लगी कि आखिर इसका कंस्ट्रक्शन कैसा रहा होगा, जो इतने भारी तूफान और बाढ़ में भी घर में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बचा लिया.

क्रॉस कॉलम पर बना हुआ घर
इस संदर्भ में लोकल 18 ने बात की दरभंगा के प्रसिद्ध इंजीनियर राजेश कुमार से. इस पर विशेष जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिस घर की चर्चा अभी पूरे देश-दुनिया में हो रही है, नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद उस घर का जो कंस्ट्रक्शन था, वह क्रॉस कॉलम पर बना हुआ था, जो साफ तौर पर नीचे की मिट्टी बह जाने के बाद दिखाई भी पड़ रहा है.

उन्होंने बताया कि उस बिल्डिंग में जो सबसे खास बात है, वह उसका फाउंडेशन है. उसका जो फाउंडेशन किया हुआ है, वह पाइल फाउंडेशन था. साथ में उसमें विकर्ण फोर्स मेंटेन करने के लिए क्रॉस बीम डाला गया था.

ऐसे सुरक्षित रहती है बिल्डिंग
इंजीनियर राजेश कुमार ने समझाया कि इसमें होता क्या है कि चारों कोने पर पिलर के बीच में क्रॉस भी दिया जाता है. जब आपदा आती है तो डायगोनल फोर्स काम करती है. बिल्डिंग पर जो फोर्स लगता है और जो एयर प्रेशर लगता है, वह विकर्ण फोर्स, नुकसान नहीं पहुंचा पाती क्योंकि क्रॉस बीम की वजह से बिल्डिंग को सपोर्ट मिल जाता है और बिल्डिंग सुरक्षित रह जाती है.

उन्होंने कहा कि अगर आप नदी किनारे मकान बना रहे हैं तो फाउंडेशन 1.5 गुना गहरा रखा जाना चाहिए और पाइल फाउंडेशन के साथ क्रॉस ब्रेसिंग तकनीक का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए, ताकि आपदा के समय भी घर सुरक्षित रह सके.



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