यूएन में ईरान के तीखे तेवर देख अमेरिका ने किया वॉकआउट, मंच से गरजे पेजेशकियन तो भारत ने क्या किया?

यूएन में ईरान के तीखे तेवर देख अमेरिका ने किया वॉकआउट, मंच से गरजे पेजेशकियन तो भारत ने क्या किया?


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यूएन में पेजेशकियन के तीखे तेवर देख अमेरिकी दूत का वॉकआउट, भारत ने क्या किया?

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संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के तीखे भाषण के दौरान अमेरिकी डेलिगेशन ने वॉकआउट कर दिया. पेजेशकियन ने अमेरिका और इस्राइल पर आतंकवाद फैलाने और स्कूल-अस्पतालों पर हमले का खुला आरोप लगाया. ट्रंप के बयानों पर पलटवार करते हुए ईरान ने साफ कहा कि वह अपनी रक्षा के लिए किसी से इजाजत नहीं लेता. इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय डेलिगेशन हॉल में मौजूद रहा.

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान.

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के संबोधन के दौरान अमेरिकी डेलिगेशन ने वॉकआउट कर दिया. पेजेशकियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का बेहद आक्रामक जवाब दिया, जिसमें उन्होंने ईरान को तबाह करने की धमकी दी थी. ईरान के राष्ट्रपति ने साफ लफ्जों में कहा कि उनका देश आतंकवाद का शिकार रहा है. अमेरिकी और इस्राइली हथियारों से उनके बेकसूर बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया. जब अमेरिकी प्रतिनिधि हॉल छोड़कर बाहर निकले, तो दुनिया की नजरें भारतीय डेलिगेशन पर टिक गईं कि आखिर नई दिल्ली का रुख क्या रहता है.

मंच से पेजेशकियन ने ट्रंप पर किया सीधा हमला

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, ‘कल ट्रंप ने हमें आतंकी कहा, लेकिन असल में हम ही आतंकवाद के सबसे बड़े विक्टिम हैं.’ पेजेशकियन ने आरोप लगाया कि उनके सुप्रीम लीडर की बिना किसी लीगल फ्रेमवर्क के हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा कि ईरान पर कायरतापूर्ण हमले किए गए, लेकिन हमने घुटने नहीं टेके. ईरान का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह मजबूत है. अपने मुल्क और मासूम नागरिकों की हिफाजत करने के लिए हम किसी से इजाजत नहीं मांगते.
जैसे ही पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल की आधुनिक हथियारों वाली नीतियों को घेरा, वैसे ही अमेरिकी राजनयिक अपनी कुर्सियों से उठकर बाहर चले गए. इस वॉकआउट ने यूएन में दोनों देशों के बीच बने भारी तनाव को सबके सामने ला दिया. पेजेशकियन ने इसके बावजूद अपना भाषण नहीं रोका. उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान ने कभी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया, जबकि उनके हेल्थ सेंटर्स, यूनिवर्सिटीज और रिहायशी इलाकों पर बम गिराए गए.





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