UNGA Iran President Masood Pezeshkian Speech Live : ट्रंप और इजरायल पर पेजेश्कियान ने किया अटैक, ईरान

UNGA Iran President Masood Pezeshkian Speech Live : ट्रंप और इजरायल पर पेजेश्कियान ने किया अटैक, ईरान


संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बोलना शुरू कर दिया है. उन्होंने अपनी स्पीच शुरू करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला. उन्होंने ट्रंप के उस कमेंट पर जबाव दिया, जिसमें उन्होंने ईरान की रिजीम को आतंकवादी कहा था. उन्होंने दुनिया को सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या याद दिलाई. पेजेश्कियान ने कहा कि ‘मैं ऐसे देश से आता हूं, जहां के सुप्रीम लीडर की हत्या कर दी गई, जहां मासूमों के स्कूल पर बम गिराकर उन्हें मार डाला गया’.  उन्होंने होर्मुज, न्यूक्लियर और प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए ट्रंप के दोगलेपन को एक्सपोज किया.

पेजेश्कियान ने अपनी स्पीच में सुप्रीम लीडर और उन बच्चों की तस्वीरें भी दिखाई और आरोप लगाया कि इन्हें अमेरिका और इजरायल की हथियारों ने मार डाला. उन्होंने कहा कि जो इस तरह के आतंकवादी काम करते हैं और उन्हें ट्रेन करते हैं, वो आतंकवादी हैं. हम लोग सिर्फ खुद को डिफेंड कर रहे थे.

भाषण शुरू होते ही अमेरिकी प्रतिनिधि ने छोड़ी UNGA की सभा

पेजेश्कियान के मंच पर कदम रखते ही संयुक्त राष्ट्र के हॉल में एक अजीब सी हलचल देखने को मिली. जैसे ही ईरानी राष्ट्रपति ने बोलना शुरू किया, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अपनी सीट से खड़ा हुआ.

सभी ने अपना ब्रीफकेस उठाया, अपना चश्मा उतारा और पूरी सभा के सामने हॉल से बाहर निकल गए. अमेरिका का ये वॉकाउट साफ-साफ बता रहा था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच रिश्ते किस कदर कड़वाहट के दौर से गुजर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी अधिकारी के जाने के बावजूद पेजेश्कियान बिना बेचैन हुए हुए अपनी बात पूरे तेवर के साथ रखते रहे.

‘मैं उस देश से आता हूं जहां सुप्रीम लीडर को मार दिया गया’

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया बयान का जवाब दिया, जिसमें ट्रंप ने ईरानी सरकार को ‘आतंकवादी रिजीम’ कहा था. ट्रंप को करारा जवाब देते हुए पेजेश्कियान ने दुनिया को इतिहास और हकीकत याद दिलाई.

पेजेश्कियान ने कहा, ‘मैं ऐसे देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, जहां के लोगों ने हमेशा आतंकवाद का दर्द झेला है. मैं उस ईरान से आता हूं जहां हमारे सम्मानित सुप्रीम लीडर की बिना किसी कानूनी वजह या आधार के हत्या कर दी गई’.

अपनी बात को और मजबूती से साबित करने के लिए पेजेश्कियान ने मंच से सुप्रीम लीडर और हमलों में मारे गए मासूम बच्चों की तस्वीरें दिखाईं. उन्होंने पूरी दुनिया के सामने सवाल दागा कि आखिर असली आतंकवादी कौन है?

‘स्कूल, अस्पताल और डॉक्टरों पर बम गिराए’: अमेरिका-इजराइल की खोली पोल

अपनी स्पीच में पेजेश्कियान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों का पूरा चिट्ठा खोलकर रख दिया. उन्होंने याद दिलाया कि जंग के पहले ही दिन अमेरिका ने ईरान के ‘मीनाब प्राइमरी स्कूल’ को निशाना बनाया था.

उन्होंने कहा, ‘अमेरिका और इज़राइल ने हमारे स्कूलों, हॉस्पिटलों, यूनिवर्सिटीज और हेल्थकेयर सेंटर्स पर बमबारी की. एक स्पोर्ट्स हॉल में जहां मासूम बच्चे खेल रहे थे, वहां अमेरिका ने बम गिराए. उन्होंने हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की हत्या की. ये तमाम हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुलेआम उल्लंघन थे’.

पेजेश्कियान ने आगे कहा, ‘अमेरिका और इजराइल के पास आधुनिक से आधुनिक हथियार और तकनीक हैं. उन्होंने इन हथियारों से हमारे नागरिक ढांचों को तबाह किया. जो लोग इस तरह की कायराना हरकतों को अंजाम देते हैं और ट्रेनिंग देते हैं, असली आतंकवादी तो वो हैं. हमने तो सिर्फ अपना बचाव किया है’.

‘हमने किसी पर हमला नहीं किया, डिफेंस के इजाजत नहीं चाहिए’

पेजेश्कियान ने दुनिया को याद दिलाया कि ईरान का इतिहास कभी आक्रामक नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 200 सालों में ईरान ने किसी भी देश पर पहला हमला नहीं किया है और न ही किसी की जमीन हड़पने की कोशिश की है.

उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, ‘हम पर बेवजह क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने और आतंकवादी होने का ठप्पा लगाया जा रहा है. हम दूसरों पर हमला करने के लिए ताकत नहीं जुटा रहे. हमें अपनी प्रगति के लिए ऊर्जा चाहिए, समाज को डराने के लिए हथियार नहीं.’

अपनी डिफेंस सिस्टम पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, ‘हमने अपने डिफ़ेंस सिस्टम को इतना मजबूत इसलिए बनाया है ताकि कोई ये न समझे कि ईरानी शहरों पर बमबारी का कोई जवाब नहीं मिलेगा. हम साफ कर देना चाहते हैं कि अपने देश और अपने लोगों की रक्षा करने के लिए हमें दुनिया में किसी की इजाजत या मंजूरी की जरूरत नहीं है’.

न्यूक्लियर वेपन पर ईरान का स्टैंड किया साफ

परमाणु कार्यक्रम पर ईरान का स्टैंड दोहराते हुए राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और न ही उसकी ऐसी कोई मंशा है. हालांकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का इस्तेमाल करना ईरान का जन्मसिद्ध अधिकार है.

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, ‘हमारा रुख बिल्कुल साफ है, कोई परमाणु हथियार नहीं, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर कोई पाबंदी भी नहीं. हम अपने इस बुनियादी अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेंगे.’

इस दौरान उन्होंने इजराइल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दोहरे रवैये पर भी जम कर हमला बोला. पेजेश्कियान ने कहा, ‘ये कैसी विडंबना है कि इजराइल के पास परमाणु बमों का जखीरा है, लेकिन वहां कोई निरीक्षक जांच करने नहीं जाता. दूसरी तरफ, ईरान बातचीत की मेज पर बैठा होता है, हमारे यहाँ निरीक्षक आते हैं, फिर भी हम पर बम गिराए जाते हैं और पाबंदियां थोपी जाती हैं’.

अमेरिकी पाबंदियों की असली मार: ‘गरीब और बीमार बन रहे निशाना’

ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए पेजेश्कियान ने इसे आम जनता के खिलाफ साजिश करार दिया.

उन्होंने कहा, ‘इन पाबंदियों का असर ईरान की सरकार पर नहीं, बल्कि हमारे देश के गरीब, बीमार, लाचार और कमजोर नागरिकों पर पड़ रहा है. जिन्हें दवाइयों और इलाज की जरूरत है, वो तड़प रहे हैं. अमेरिका अपने गैर-कानूनी और नाजायज मकसद पूरे करने के लिए एक पूरे देश की आम आबादी की बलि दे रहा है.’

फलस्तीन और गाजा पर कड़ा रुख: ‘जब तक जुल्म रहेगा, प्रतिरोध जारी रहेगा’

अपने भाषण के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने फलस्तीन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने गाजा की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय और वैश्विक संस्थाओं की नाकामी का प्रतीक बताया.

उन्होंने कहा, ‘गाजा आज अंतरराष्ट्रीय तंत्र के पूरी तरह फेल होने का सबूत है. दशकों से संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पास हो रहे हैं, लेकिन कब्जा और हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही. इज़राइल ने गाजा में 70,000 से ज्यादा बेकसूरों का बेरहमी से कत्ल कर दिया है.’

पेजेश्कियान ने कहा, ‘जब किसी इंसान को उसके घर और जमीन से खदेड़ा जाएगा, उस पर बम गिराए जाएंगे, तो वो क्या करेगा? क्या वो बुलींग के आगे घुटने टेक दे? क्या वो चुपचाप अपनी तबाही देखता रहे? और जब वो अपना बचाव करता है, तो आप उसे आतंकवादी कह देते हैं! बमबारी और नाकेबंदी से प्रतिरोध को खत्म नहीं किया जा सकता. जब तक जुल्म रहेगा, तब तक विरोध और प्रतिरोध का जन्म होता रहेगा.’

आखिरी संदेश: ‘ना सिर झुकाएंगे, ना घुटने टेकेंगे’

भाषण के आखिर में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए एक कड़ा संदेश दिया.

उन्होंने कहा, ‘ट्रंप को ये अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि पाबंदियां लगाने, दबाव बढ़ाने और धौंस दिखाने से ईरानी लोगों का हौसला टूटेगा नहीं, बल्कि उनका प्रतिरोध और ज्यादा मजबूत होगा’.

पेजेश्कियान ने अपने भाषण का के आखिर में कहा ‘हम कभी अपना सिर नहीं झुकाएंगे, और न ही कभी घुटने टेकेंगे.’ उन्होंने ये भी जोड़ा कि ईरान हर तरह की बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन अगर कोई ताकत या दबाव की भाषा बोलेगा, तो उसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.



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