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Ganga Link Expressway News : गंगा एक्सप्रेसवे की राह में रबूपुरा और कपना गांव के मकान अड़चन बन रहे हैं. इसके लिए PWD मकानों की कीमत का आकलन करेगा. मुआवजा मिलने के बाद ग्रामीणों को दूसरी जगह बसाया जाएगा.
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे.
ग्रेटर नोएडा : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए अहम माने जा रहे गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है. एक्सप्रेसवे की राह में आने वाले कुछ मकानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए पहले मकानों की कीमत तय होगी और फिर इन परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा.
दरअसल, गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.5 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है. इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) करेगा. एक्सप्रेसवे के लिए यीडा क्षेत्र में करीब 750 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें ज्यादातर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है. हालांकि, 33 एकड़ जमीन का काम मकानों के कारण अटका हुआ है.
रबूपुरा और कपना के मकान बन रहे रास्ते की अड़चन
लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट रबूपुरा और कपना गांव के कुछ मकानों से होकर गुजर रहा है. ऐसे में इन मकानों को हटाकर प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह बसाने की तैयारी है. जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले मकान मालिकों को उनके मकानों का मुआवजा दिया जाएगा. इसके लिए यीडा ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र भेजकर मकानों की कीमत का आकलन करने को कहा है. विभाग की ओर से मूल्यांकन पूरा होने के बाद मुआवजे की राशि तय होगी और इसके बाद मकान मालिकों को भुगतान किया जाएगा.
एयरपोर्ट जाने वालों के लिए भी आसान होगा सफर
करीब 8,586 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह छह लेन एक्सप्रेसवे यीडा क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर लंबा होगा. यह सेक्टर-21 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इससे लोगों के एयरपोर्ट पहुंचने के साथ-साथ सामान की आवाजाही भी आसान होने की उम्मीद है.