Azamgarh Crime News | क्या सच है आजमगढ़ कांड का भूत वाला कनेक्शन? एनकाउंटर की रात हुआ क्या था? अरविंद के पड़ोसी का खुलासा

Azamgarh Crime News | क्या सच है आजमगढ़ कांड का भूत वाला कनेक्शन? एनकाउंटर की रात हुआ क्या था? अरविंद के पड़ोसी का खुलासा


आजमगढ़ : अंदर से बच्चों से ही कहलवा रहा था कि हम अभी बाहर नहीं आएंगे, सुबह आएंगे… जिसने भूत देखा होगा वो बता पाएगा. हमने तो भूत-प्रेत देखा नहीं कुछ ऐसा…  यह बात न्यूज 18 इंडिया से आजमगढ़ में 5 मर्डर करने वाले आरोपी अरविंद के पड़ोसी ने कही. पड़ोसी जितेंद्र प्रताप सिंहन ने बताया कि उन्होंने आरोपी को काफी समझाने की कोशिश की थी, लेकिन उसने एक नहीं सुनी. अब उसके पीछे उसकी दो मासूम बच्चियां रह गईं.

यह है पूरा मामला

घटना मंगलवार शाम आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव की है. यहां अरविंद नाम के शख्स ने पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही बेटे की हत्या कर दी. करीब 8 घंटे चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने आरोपी अरविंद सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. परिवार में पत्नी बबीता सिंह के अलावा मां समला देवी (70), बेटी परी (5), बेटा शौर्य और 7 महीने की बेटी है. घर पर 4 दिनों से पूजा चल रही थी. जिले के ही रहने वाले पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55), उनके बेटे हिमांशु समेत 4 पंडित पूजा करा रहे थे. परिवार को आशंका थी कि अरविंद पर भूत-प्रेत का साया है. इसलिए समला देवी और बबीता ने पूजा के लिए बुलाया था. मंगलवार दोपहर अरविंद बाजार गया. शाम 6 बजे लौटा और पत्नी से बहस करने लगा. सब लोग उसे समझाने पहुंचे तो बहस करके अपशब्द कहने लगा. बबीता ने विरोध किया तो कहा कि तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई. अब तू यहां ड्रामा कर रही है. इसके बाद अरविंद ने बबीता और दो पंडितों को गोली मार दी.

फिर बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया. पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस पहुंची. इस बीच घरवाले भागकर बाहर आ गए. उसके बाद पुलिस ने उसे काफी समझाया, लेकिन वो बाहर नहीं आया. अंदर से गोली चलने की आवाज आई तो पुलिस की टीम घर में दाखिल हुई. फिर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं और आरोपी मारा गया. वहीं, अंदर वह अपने बेटे को गोली मार चुका था, जिसकी भी मौत हो गई.

क्या बोले पड़ोसी?

अब न्यूज18 ने पड़ोसियों से बात की तो इस पूरे मामले में एक अलग एंगल सामने आया. लोगों का कहना है कि बेटे की मौत कैसे हुई इसकी जांच होनी चाहिए. चाहे अरविंद ने मारा हो या पुलिस की गोली से मरा है, उसकी जांच होनी चाहिए. वहीं, पड़ोसी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वो बार-बार यही कह रहा था कि हम रात में नहीं निकलेंगे, सुबह निकलेंगे. सब लोग उससे कह रहे थे कि हम तुम्हारी बात सुनेंगे, कोई दिक्कत नहीं है, बाहर आ जाओ… लेकिन वो नहीं माना.

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बड़ी कोशिश की. डेढ़ घंटे तक उसे समझाया. मगर वो कुछ बोल नहीं रहा था. वह अपने बच्चों से कहलवा रहा था कि हम लोग सुबह निकलेंगे, रात में नहीं निकलेंगे. भूत वाले सवाल पर जितेंद्र ने कहा कि हम तो भूत-ऊत देखे नहीं, जिसने देखा वही बता पाएगा. पर हां, पूजा चल रही थी, अब कौन सी पूजा चल रही थी, ये नहीं पता. 5 दिन की पूजा था. कल चौथा दिन था. आज समापन होना था.

पड़ोसी ने कहा कि परिवार में अब बस उसकी दो बच्चियां बची हैं. उसके अलावा, उसके भाई की पड़ोस में कुछ रंजिश के कारण हत्या कर दी गई थी. उसकी पत्नी और उसकी चार बेटियां थीं. उनमें से दो यहां रह रही थीं. बाकि भाई की पत्नी और दो बेटियां दिल्ली में रह रहे हैं.



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