पुलिस को देखते ही भागे, एक गिरा तो दूसरे ने की फायरिंग, फिर नदी किनारे हुआ एनकाउंटर, जमुई नंदन यादव एनकाउंटर की पूरी कहानी

पुलिस को देखते ही भागे, एक गिरा तो दूसरे ने की फायरिंग, फिर नदी किनारे हुआ एनकाउंटर, जमुई नंदन यादव एनकाउंटर की पूरी कहानी


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Jamui Viral Video Case: दिन शनिवार… तारीख 19 सितंबर… शाम से ही एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था. पता लगा कि यह घटना जमुई की है जहां एक नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई बदसलूकी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहीं थीं. फिर क्या था जिला प्रशासन से लेकर राज्य शासन व्यवस्था के साथ पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई. सवाल पुलिस की नाकामी का था और पुलिस पर जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने का दबाव था. इसी क्रम में 22 सितंबर की सुबह 5 बजे, प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के किनारे से एक सूचना आई … और पुलिस की टीम ने तुरंत घेराबंदी कर दी. इसके बाद… जमुई प्रतापपुर कास के घने जंगल में कुछ ऐसा होता है कि सन्नाटे में फायरिंग की आवाज गूंज उठती है. आखिर उस सुबह क्या हुआ था, बिहार पुलिस मुख्यालय ने इसकी पूरी परतें खोली हैं.

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जमुई वायरल वीडियो केस में एनकाउंटर की कहानी.

जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ छेड़खानी और अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने बताया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की थी, जिसके जवाब में की गई आत्मरक्षा की कार्रवाई में वह घायल हो गया. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जमुई पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही थी और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही थी. इसी दौरान मंगलवार (22 सितंबर) की सुबह करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मामले के दोनों मुख्य आरोपी प्रतापपुर गांव से बाहर नदी के बहियार की ओर गए हैं.

पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी

सूचना के बाद पुलिस की छापेमारी टीम इलाके में पहुंची. पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान एक आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा. भागते समय वह कई बार गिरा, जिससे उसे चोट आई. पुलिस ने उसे पकड़ लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम हरेराम यादव, पिता दीपु यादव, निवासी प्रतापपुर, जमुई बताया. पुलिस के अनुसार हरेराम ने पूछताछ में बताया कि दूसरा आरोपी नंदन यादव नदी की तरफ कास लगे जंगल में भागा है. इसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया.

पुलिस पर फायरिंग का आरोप

बकौल पुलिस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस का सामना नंदन यादव से हुआ. पुलिस का दावा है कि उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में वह घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की. उसकी पहचान नंदन यादव, पिता गनोरी यादव के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि 19 सितंबर की घटना को लेकर जमुई थाना में 21 सितंबर को केस दर्ज किया गया था.

वायरल वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने यह भी बताया कि मामले से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट और शेयर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. जमुई साइबर थाना में आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार करीब 120 सोशल मीडिया पोस्ट और प्रोफाइल को चिन्हित किया गया है. इनमें से तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया है, जो कथित तौर पर वीडियो को वायरल कर रहे थे. अन्य प्रोफाइल की भी पहचान की जा रही है.

पीड़ित की पहचान उजागर न करने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट या शेयर न करें. पुलिस के मुताबिक ऐसा करने से पीड़ित की पहचान की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है और यह दंडनीय अपराध है.यानी इस मामले में पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मूल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वायरल वीडियो को आगे प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों पर भी कार्रवाई की जा रही है.



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