रैंक हासिल करने के बाद भी नौकरी नहीं, KPSC पर CPM और SFI का कब्जा: केरल सरकार पर बरसी बीजेपी

रैंक हासिल करने के बाद भी नौकरी नहीं, KPSC पर CPM और SFI का कब्जा: केरल सरकार पर बरसी बीजेपी


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रैंक हासिल करने के बाद भी नौकरी नहीं! KPSC के खिलाफ राष्ट्रपति भवन पहुंची BJP

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Kerala PSC Exam Scam: केरल लोक सेवा आयोग में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का विवाद अब राष्ट्रपति भवन की चौखट तक जा पहुंचा है. केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, सांसद पीटी उषा और सदानंदन मास्टर के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर मामले में तत्काल संवैधानिक दखल की मांग की है.

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राजीव चंद्रशेखर ने केरल पीएससी में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाया है.

Kerala PSC Exam Scam: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि केरल के राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संदर्भ मांगने की सिफारिश की है.

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में सदानंदन मास्टर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि सदानंदन मास्टर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में पीटी उषा और वह स्वयं भी शामिल थे. उन्होंने राष्ट्रपति से राज्यपाल की सिफारिश पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया.

राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि केरल लोक सेवा आयोग में कथित कुप्रबंधन के कारण राज्य के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा पिछले कई महीनों से प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे हैं. इन युवाओं ने परीक्षाएं दीं, अच्छी रैंक हासिल की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नौकरियां नहीं मिल सकीं.

उन्होंने आरोप लगाया कि लोक सेवा आयोग पर निहित स्वार्थों का कब्जा हो गया है और माकपा (सीपीएम) के राजनीतिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का इसमें प्रभाव है. उन्होंने कहा कि इस कथित कुप्रबंधन के कारण योग्य उम्मीदवारों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केरल में युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया उसके राष्ट्रीय स्तर के बयानों से बिल्कुल अलग है. यह उसके दोहरे मापदंड और पाखंड को दर्शाता है.

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस दिल्ली में एसआईआर का विरोध करती है, जबकि केरल में उसका समर्थन करती है. इसी तरह केरल में युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है, लेकिन दिल्ली में राहुल गांधी युवाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं. राजीव चंद्रशेखर ने केरल की कांग्रेस सरकार को सबरीमाला स्वर्ण घोटाले के मुद्दे पर भी घेरा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान दो प्रमुख मुद्दों को उठाकर सत्ता हासिल की थी, जिनमें सबरीमाला में कथित भ्रष्टाचार भी शामिल था.

उन्होंने कहा कि केरल में चुनाव प्रचार शुरू होने से दो दिन पहले राहुल गांधी ने कहा था कि सबरीमाला में भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाएगा. हालांकि, कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन सबरीमाला स्वर्ण घोटाले में किसी नई गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने कथित भ्रष्टाचार की जांच को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं.

इसी तरह केरल लोक सेवा आयोग के कांग्रेस अध्यक्ष के सीपीएम से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उनके खिलाफ भी जांच कराने की कोई कोशिश नहीं की है. भाजपा नेता ने कहा कि केरल के युवाओं को न्याय दिलाने और लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले में कार्रवाई जरूरी है.



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