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Agriculture Tips: पालक मेथी धनिया तीनों रवि की फसल है. इन तीनों फसलों को हम रवि के सीजन में आसानी से लगा सकते हैं. रवि की फसल की शुरुआत अक्टूबर के लास्ट से लेकर नवंबर, दिसंबर तक रहती है. इसी प्रकार मान लीजिए कि मेथी की खेती हमें बीज के लिए करनी है तो जल्दी लगा सकते हैं और पत्तियों के लिए करनी है तो दिसंबर तक भी आसानी से हम मेथी को लगा सकते हैं. 15 डिग्री से लेकर 30 डिग्री के बीच तक का टेंपरेचर इन सभी फसलों के लिए उत्तम रहता है.
मुरादाबादः जो किसान सर्दी के दिनों में खेती करने का प्लान बना रहे हैं वह पालक, मेथी, धनिया की खेती कर सकते हैं. नवंबर-दिसंबर में पालक, मेथी और धनिया की बुवाई कर सकते हैं. ये सिर्फ 25 से 40 दिनों में तैयार हो जाती हैं और इनकी बार-बार कटाई की जा सकती है. यह खेती ऐसी होती हैं. जो कम समय में अधिक मुनाफा देती हैं और किसान की आय में वृद्धि कर देती हैं.
रवि के सीजन में होती है फसल
कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि पालक मेथी धनिया तीनों रवि की फसल है. इन तीनों फसलों को हम रवि के सीजन में आसानी से लगा सकते हैं. रवि की फसल की शुरुआत अक्टूबर के लास्ट से लेकर नवंबर, दिसंबर तक रहती है. इसी प्रकार मान लीजिए कि मेथी की खेती हमें बीज के लिए करनी है तो जल्दी लगा सकते हैं और पत्तियों के लिए करनी है तो दिसंबर तक भी आसानी से हम मेथी को लगा सकते हैं. 15 डिग्री से लेकर 30 डिग्री के बीच तक का टेंपरेचर इन सभी फसलों के लिए उत्तम रहता है. इसके लिए हमें बलुई दोमट मिट्टी और जिस खेत में पानी न खड़ा रहता हो ऐसी जमीन का चयन करना चाहिए. मेथी पालक धनिया सीड ट्रीटमेंट के जरिये उपचार करके ही लगाना चाहिए. जिससे बीज का जवाब अच्छा होता है और किसी भी तरह की बीमारी नहीं लगती है. बीमारियों से भी राहत मिल जाती है.
इन चीजों का रखें ध्यान
उन्होंने कहा कि मेथी, पालक, धनिया यदि हम हरी सब्जी के लिए बोल रहे हैं तो 30 से 35 दिन में इसकी कटाई आसानी से कर लेते हैं. अगर घर के लिए बोना है तो इसकी फसल को हमें पहले ही तैयार करना होगा. जिससे बाजार में अच्छा मूल्य मिल सके. यदि हम मेथी, पालक, धनिया को बीज के लिए बोना चाहते हैं तो दाने की मात्रा बहुत कम करनी होती है. इसके साथ ही सब्जी के लिए वो रहे हैं तो बीज की मात्रा बढ़ानी होती है. इसके साथ ही इसे लगाने के लिए हमें देसी गोबर की खाद का इस्तेमाल करना होता है. पहले ही खेत में डालकर खेत की अच्छे से जुताई कर देनी होती है. 50 किलो सिंगल सुपर फास्फेट और 15 किलो यूरिया प्रति एकड़ हमें नीचे डाल देना चाहिए. इससे हम खेत को तैयार करके इसकी बुवाई करते हैं तो निश्चित ही हमें अच्छी पैदावार निकाल कर आएगी और हमें अच्छा मुनाफा हो जाएगा. क्योंकि यह एक ऐसी फसल है. जो कम समय में अधिक मुनाफा दे जाती है. इसलिए किसान साथी इस फसल को कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं.