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हरियाणा में होडल-बिलासपुर-कुलाना फोरलेन परियोजना दक्षिण हरियाणा के सड़क नेटवर्क को नई दिशा देगी, जिससे पटौदी शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी. इस प्रोजेक्ट में बिलासपुर से कुलाना तक सड़क चौड़ीकरण और पटौदी-हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर का भी निर्माण होगा. इस 71 किलोमीटर की फोरलेन सड़क के निर्माण में 555 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
हरियाणा में बनने जा रही 71 किलोमीटर की फोर लेन सड़क.
चंडीगढ़ः हरियाणा के सड़क नेटवर्क को नई दिशा देने के लिए होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन प्रोजेक्ट धीरे-धीरे साकार होने जा रही है. प्रोजेक्ट के पहले फेज में होडल से बिलासपुर तक करीब 71 किलोमीटर की फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जाएगा. इसके दूसरे फेज में बिलासपुर से कुलाना तक सड़क चौड़ीकरण के साथ पटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण को भी सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसको बनाने में 555 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
हरियाणा में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
सरकार के इस फैसले से न केवल दक्षिण हरियाणा की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. बल्कि पटौदी शहर को भी रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. यह सड़क मार्ग क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क कॉरिडोर साबित हो सकता है. इसके माध्यम से दिल्ली-आगरा हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे, गुरुग्राम-पटौगी-रेवाड़ी मार्ग, रेवाड़ी-रोहतक हाईवे, गुरुग्राम-नूंह और गुरुग्राम-ोसहना-तावड़ू-भिवाड़ी मार्गों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा.
फोरलेन की सड़क बनने से होगा फायदा
सड़क के फोरलेन होने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और परिवहन में लगने वाला समय भी कम हो सकेगा. इससे औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को गति मिलने की संभावना है. इस परियोजना के दूसरे फेज को परमिशन मिलने के पीछे यातायात के भविष्य के दबाव को भी अहम माना जा रहा है. अगर होडल से बिलासपुर तक सड़क फोरलेन बन जाती और आगे कुलाना तक मार्ग दो लेन का ही रहता तो वाहनों का दबाव संकरी सड़क पर बढ़ता.
फ्लाईओवर बनने से किसको होगा फायदा
वहीं फ्लाईओवर बनने से भारी और लंबी दूरी के वाहन शहर के भीतर से गुजरने के बजाय ऊपर से निकल सकेंगे. इससे स्थानीय बाजार में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. प्रोजेक्ट पूरा होने पर पटौदी-हेलीमंडी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा.