भोपाल. मध्य प्रदेश में आज 01 नवंबर 2026 को धूमधाम से राज्य स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल एक तारीख नहीं बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध परंपराओं, विकास यात्रा और सामूहिक संकल्पों का उत्सव है. 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए हमारे मध्य प्रदेश ने 7 दशकों में अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं. प्राकृतिक संपदा, नदियों, वनों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जनजातीय संस्कृति और मेहनतकश नागरिकों से समृद्ध यह प्रदेश आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
उन्होंने कहा कि भगवान श्री महाकाल की नगरी उज्जैन, मां नर्मदा की पावन धारा, सांची का विश्व-विख्यात स्तूप, खजुराहो की अद्भुत स्थापत्य कला, भीमबेटका की ऐतिहासिक विरासत और जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराएं हमारी पहचान हैं. मध्य प्रदेश की यही विविधता हमारी शक्ति है. आज हमारा लक्ष्य इस विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना है. साल 2026 को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं. इसी भावना के साथ इस साल मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की मूल भावना ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ है. हमारा विश्वास है कि किसान खुशहाल होगा, तो गांव समृद्ध होंगे और गांव समृद्ध होंगे, तो मध्य प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा.
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है. हमारे किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. किसानों की आय में वृद्धि, कृषि को लाभकारी बनाना और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए किसान कल्याण को लेकर राज्य सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है. हम सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना के विकास, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं. खेती के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित किए जा रहे हैं. हमारा संकल्प है कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध भी बने. किसान की समृद्धि ही मध्य प्रदेश की समृद्धि का वास्तविक आधार है.
उन्होंने आगे कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं. मध्य प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा, परिश्रम, ऊर्जा और नवाचार की अपार संभावनाएं हैं. हमारी सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना आवश्यक है. खेलों के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण सुविधाएं और खेल अधोसंरचना युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेंगी. हम चाहते हैं कि मध्य प्रदेश का युवा नौकरी पाने वाला ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी और समाज का नेतृत्व करने वाला व्यक्तित्व भी बने.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकास की कल्पना अधूरी है. हमारी सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. स्व-सहायता समूहों, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और महिला उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है. महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. हमारा मानना है कि जब महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो पूरा परिवार सशक्त होता है, इसलिए महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना हमारा संकल्प है.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की आप सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. विरासत का गौरव और विकास की नई उड़ान ही अब मध्य प्रदेश की नई पहचान है. प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, बढ़ती कृषि विकास दर सहित पर्यटन सुविधाओं में तेज वृद्धि से प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को नई ऊर्जा, नया संबल मिला है. आइए, इस पावन अवसर पर हम ऐसे प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें, जहां विकास का प्रकाश समाज की अंतिम पंक्ति तक पहुंचे, हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिले और आने वाली पीढ़ियां समृद्ध, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश पर गर्व कर सकें.’
सीएम मोहन यादव ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब के स्थापना दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. इनकी सांस्कृतिक विरासत, विशिष्ट पहचान और विकास यात्रा निरंतर समृद्ध होती रहे तथा राष्ट्र की प्रगति में इनका योगदान बढ़े, यही कामना है.’