Archeology Department Temples Budget Delay: पुरातत्व विभाग के मंदिरों को नहीं मिला बजट, दीपावली की तैयारियों पर पड़ा बुरा असर

Archeology Department Temples Budget Delay: पुरातत्व विभाग के मंदिरों को नहीं मिला बजट, दीपावली की तैयारियों पर पड़ा बुरा असर


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Archeology Department Temples Budget Delay: दीपावली का पावन पर्व बेहद नजदीक है, लेकिन पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले ऐतिहासिक मंदिरों में इस बार त्योहार की रौनक फीकी नजर आ रही है. इसका मुख्य कारण मंदिरों की नियमित पूजा-पाठ, रखरखाव, रंगरोगन और सजावट के लिए मिलने वाले सरकारी बजट में हो रही देरी है. हर साल सरकार द्वारा दिए जाने वाले इस बजट के अटकने से दीपावली की तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. मंदिर के पुजारियों ने सरकार से धार्मिक परंपराओं के सुचारू निर्वहन के लिए शीघ्र राशि जारी करने की जोरदार मांग की है.

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Archeology Department Temples Budget Delay: पुरातत्व विभाग के मंदिरों को नहीं मिला बजट, दीपावली की तैयारियों पर पड़ा बुरा असर

Kota: रोशनी और उल्लास का महापर्व दीपावली अब बेहद करीब है, लेकिन पुरातत्व विभाग के नियंत्रण में आने वाले ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों में इस बार त्योहार का उत्साह फीका नजर आ रहा है. इसकी मुख्य वजह मंदिरों में होने वाली नियमित पूजा-पाठ, दैनिक व्यवस्थाओं, रंगरोगन और भव्य सजावट के लिए मिलने वाले सरकारी बजट में हो रही अनपेक्षित देरी है. समय पर बजट स्वीकृत और जारी नहीं होने के कारण मंदिरों में हर साल होने वाली दीपावली की विशेष तैयारियां पूरी तरह से ठप पड़ी हैं, जिससे मंदिर प्रबंधन और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी निराशा व्याप्त है.

मंदिरों की व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले लोगों और पुजारियों का कहना है कि हर वर्ष सरकार की ओर से पुरातत्व विभाग के माध्यम से धार्मिक आयोजनों और पूजा-पाठ के लिए निर्धारित बजट समय पर उपलब्ध करा दिया जाता था. हालांकि, इस बार त्योहार सिर पर होने के बावजूद अब तक राशि जारी नहीं हो सकी है. इसके चलते मंदिरों में सफेदी, रंगरोगन, विशेष रोशनी और सजावट के काम अटके हुए हैं. पुरातत्व विभाग के मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि समय पर बजट मिलने से हर साल दीपावली सहित सभी बड़े पर्वों की तैयारियां बेहतर तरीके से पूरी हो जाती थीं, लेकिन इस बार देरी के कारण सभी व्यवस्थाएं बाधित हो रही हैं.

सनातन संस्कृति के संवाहक हैं मंदिर: सरकार से जल्द राशि जारी करने की मांग
मंदिर के पुजारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के साधारण केंद्र मात्र नहीं हैं, बल्कि यह हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति और प्राचीन धार्मिक परंपराओं के मुख्य संवाहक भी हैं. ऐसे में पावन दीपोत्सव जैसे बड़े अवसर पर मंदिरों में व्यवस्थाएं प्रभावित होना बेहद चिंताजनक है. पुजारियों ने राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि निर्धारित बजट को बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए, ताकि दीपावली सहित आने वाले सभी प्रमुख धार्मिक पर्वों पर मंदिरों की सुंदरता और व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें और श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके.



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