रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक और खौफनाक कदम से पूरा यूक्रेन थर्रा उठा है. ड्नीप्रो के एक बिजी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब अचानक रूस का एक घातक ड्रोन सीधे प्लेटफॉर्म पर आ गिरा. इस दिल दहला देने वाले हमले में कम से कम 13 मासूम लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं. हमले की भयावह तस्वीरें और सबूत देखकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने इस तबाही के सबूत पूरी दुनिया को दिखाए और अमेरिका, यूरोपीय संघ समेत G7 देशों की नीतियों की जमकर धज्जियां उड़ाईं.
यूक्रेन के रेलवे प्लेटफॉर्म पर गिरा मौत का ‘जेट ड्रोन’
ये खौफनाक वारदात गुरुवार की सुबह ड्नीप्रो के सबसे बिजी रेलवे स्टेशनों में से एक पर हुई. उस वक्त प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों यात्री मौजूद थे और ट्रेन नंबर 866 ड्नीप्रो से दक्षिणी शहर जापोरिजिया जाने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी थी.
तभी आसमान से अचानक रूसी सेना का एक बेहद तेज रफ्तार जेट-पावर्ड सुसाइड ड्रोन आया और सीधे उसी प्लेटफॉर्म से जा टकराया जहां लोग ट्रेन में चढ़ने का इंतजार कर रहे थे. एक जोरदार धमाका हुआ और चंद सेकंडों में पूरा स्टेशन धुएं, बारूद और चीख-पुकार से भर गया. हर तरफ लाशें और खून बिखरा पड़ा था.
यूक्रेन की राष्ट्रीय रेलवे कंपनी ‘उक्रजालिज्नित्सिया’ ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर बताया कि स्टेशन पर मंडराते खतरे की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन फिर भी बहुत से लोग अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर खड़े थे. धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव दल, डॉक्टर और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और खून से लथपथ घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया.
सबूत दिखाकर चीखे जेलेंस्की: 13 लोगों की मौत, चारों तरफ सिर्फ तबाही
हमले के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की खुद दुनिया के सामने आए. उन्होंने हमले की दिल दहला देने वाली तस्वीरें और वीडियो सबूत के तौर पर दिखाए.
दुख और गुस्से से भरे जेलेंस्की ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि इस रूसी हमले में अब तक 13 बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है और 10 से अधिक लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. ड्नीप्रो के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सैंड्र हांझा और मेयर बोरिस फिलातोव ने भी इस भारी तबाही की पुष्टि की है.
जेलेंस्की ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि पुतिन की सेना अब जानबूझकर उन जगहों को निशाना बना रही है जहां सिर्फ आम नागरिक इकट्ठा होते हैं.
यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर अटैक (फोटो क्रेडिट- ZelenskyyUa/X)
‘प्रतिबंध हटा रहे हो और वहां हमारी लाशें बिछ रही हैं’- G7 और पश्चिमी देशों पर भड़के जेलेंस्की
तबाही के सबूत दिखाने के बाद जेलेंस्की का गुस्सा दुनिया के बड़े और ताकतवर देशों पर फूट पड़ा. उन्होंने सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए G7 देशों, अमेरिका और यूरोपीय संघ को सीधे निशाने पर लिया.
जेलेंस्की ने सवाल उठाया कि एक तरफ पश्चिमी देश रूस के कुछ अमीर उद्योगपतियों और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुतिन उस पैसे का इस्तेमाल मासूम लोगों पर बम बरसाने में कर रहे हैं.
जेलेंस्की ने खरी-खोटी सुनाते हुए कहा ‘यूक्रेन लगातार यही चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा था कि रूस के इस दुस्साहस और हमले का जवाब अमेरिका और यूरोप को कड़े और सख्त फैसलों से देना चाहिए. लेकिन आप क्या कर रहे हैं? आप पाबंदियां ढीली कर रहे हैं और यहां रूस हमारी धरती पर रोज लाशें बिछा रहा है. अब वक्त आ गया है कि अमेरिका, ईयू और G7 देश रूस पर सबसे सख्त प्रतिबंध लगाएं, ताकि उसका ये वॉर-मैनिया रोका जा सके’.
अब और खतरनाक होगी रूस-यूक्रेन की जंग
एक तरफ रूस ड्नीप्रो जैसे शहरों में आम नागरिकों पर घातक ड्रोन बरसा रहा है, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल भी शुरू हो गई है.
यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारी दाविद अराखामिया ने जानकारी दी कि यूक्रेन का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल रूसी कब्जे वाले ओलेश्की क्षेत्र के लिए रवाना हो चुका है. इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई यूक्रेन के मानवाधिकार लोकपाल दिमित्रो लुबिनेट्स कर रहे हैं.
खबरों के मुताबिक, उस इलाके में मंगलवार से ही सीजफायर लागू है. यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचकर जमीनी हालात का जायजा लेगा और स्थिति सामान्य करने की कोशिश करेगा. हालांकि, ड्नीप्रो में हुए इस ताजा हमले ने युद्धविराम की किसी भी गुंजाइश पर फिर से पानी फेर दिया है.