‘India-US ट्रेड डील की डिटेल्‍स आने दीजिए, जश्न मनाएगा पूरा देश’, पीयूष गोयल ने द‍िए बड़े संकेत

‘India-US ट्रेड डील की डिटेल्‍स आने दीजिए, जश्न मनाएगा पूरा देश’, पीयूष गोयल ने द‍िए बड़े संकेत


अमेर‍िका के साथ ट्रेड डील को लेकर व‍िपक्ष के तमाम तरह के सवाल हैं. कोई कह रहा क‍ि क‍िसानों के ह‍ित ताक पर रखे गए हैं तो कोई कह रहा क‍ि डेयरी क‍िसानों को बड़ा नुकसान होने वाला है. ट्रेड डील की अभी भी ड‍िटेल्‍स नहीं आईं है.दोनों सरकारें कह रही हैं क‍ि बातचीत पूरी हो चुकी है, बस छोटी-मोटी चीजें ठीक की जा रही हैं. लेकिन अब केंद्रीय वाण‍िज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसा बयान द‍िया है, जो संकेत दे रहा क‍ि अमेर‍िका के साथ ट्रेड डील भारत के ल‍िए बहुत फायदेमंद होने वाली है. पीयूष गोयल ने कहा, India-US ट्रेड डील की डिटेल्‍स आने दीजिए, पूरा देश जश्न मनाएगा.

दिल्ली इंड‍िया इंडस्‍ट्र‍ियल ट्रांसफार्मेशन सम्‍मेलन में पीयूष गोयल ने कहा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील (US Trade Deal) और दुनिया भर के विकसित देशों के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTAs) भारत की शर्तों पर हो रहे हैं. सरकार ने किसी भी मोर्चे पर घरेलू हितों से समझौता नहीं किया है. पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि जब अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक होगी, तो पूरा भारत इसका जश्न मनाएगा.

किसानों के ह‍ितों की सुरक्षा हमारी प्रायोर‍िटी

पीयूष गोयल ने कहा, मुझे यह घोषणा करने का पूरा साहस और दृढ़ विश्वास है कि जैसे ही अमेरिका के साथ ट्रेड डील का पूरा ब्यौरा सामने आएगा, भारत के लोग इसका जश्न मनाएंगे. अक्सर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को लेकर चिंताएं जताई जाती हैं, लेकिन गोयल ने इन सभी आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने मंच से स्पष्ट किया कि इस समझौते में हमारे किसानों या किसी भी अन्य स्टेकहोल्डर के एक भी संवेदनशील हित से कोई समझौता नहीं किया गया है. मंत्री के अनुसार, इस डील के लागू होने के बाद भारत वैश्विक व्यापार में तुलनात्मक रूप से एक बेहद मजबूत और लाभ वाली स्थिति में खड़ा नजर आएगा.

पीयूष गोयल ने बताया कि किस तरह दुनिया के अधिकांश विकसित देशों ने अपने टैरिफ ढांचे को इस तरह से तैयार किया है कि वे विकासशील देशों को आसानी से अपने बाजार में फायदा नहीं उठाने देते. गोयल ने कहा, ज्यादातर विकसित देशों ने अपने टैरिफ शेड्यूल को इस तरह से बनाया है कि लेबर इंटेंस‍िव वस्तुओं पर बहुत अधिक टैर‍िफ लगाया जाता है. विकसित देश इसे ट्रेड डील पर बात करते वक्‍त हथ‍ियार की तरह इस्‍तेमाल करते हैं. भारत जैसे देशों के लिए, जहां रोजगार का बहुत बड़ा हिस्सा कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और हस्तशिल्प जैसे उद्योगों से आता है, यह हमेशा से एक बड़ी बाधा रही है.

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से टूटी रुकावटें

केंद्रीय मंत्री ने विकसित देशों की इस नीति को एक कांच की दीवार करार दिया, जिसे भारत ने अब सफलतापूर्वक तोड़ दिया है. उन्होंने कहा, यही वह कांच की दीवार है जिसे हम इन समझौतों के जरिए तोड़ने में सफल रहे हैं. भारत ने हाल के वर्षों में आक्रामक रूप से व्यापार समझौते किए हैं. गोयल ने बताया क‍ि भारत ने अब तक जो नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं, वे दुनिया के 38 विकसित राष्ट्रों को कवर करते हैं.

भारत के प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि साथी हैं विकसित देश

पीयूष गोयल ने कहा क‍ि जिन 38 देशों के साथ भारत ने व्यापार समझौते किए हैं, वे भारत की तुलना में कहीं अधिक समृद्ध और विकसित हैं. इसलिए, वैश्विक बाजार में वे भारत के सीधे प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, बल्कि वे भारत के साथी हैं. इसका सीधा सा अर्थ यह है कि विकसित देशों के पास बहुत पैसा है. हाइटेक टेक्‍नोलॉजी है, जबकि भारत के पास एक बड़ा बाजार और अथाह वर्क फोर्स है. जब ये दोनों ताकतें आपस में मिलती हैं, तो यह दोनों ही पक्षों के लिए फायदे का सौदा साबित होता है.

वाणिज्य मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाने और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रहा है. पीयूष गोयल का यह स्पष्ट संदेश भारतीय उद्योग जगत, किसानों और आम नागरिकों के लिए एक बड़ा आश्वासन है कि औद्योगिक परिवर्तन के इस दौर में सरकार वैश्विक मंचों पर भारत के हितों की पूरी मजबूती से रक्षा कर रही है.



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