CINTAA की नई अध्यक्ष बनीं उपासना सिंह, ₹73 लाख की FD को लेकर उठाए सवाल, पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरी से क्या है विवाद?

CINTAA की नई अध्यक्ष बनीं उपासना सिंह, ₹73 लाख की FD को लेकर उठाए सवाल, पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरी से क्या है विवाद?


नई दिल्ली. फिल्म और टीवी कलाकारों की संस्था CINTAA में कई महीनों से विवाद चल रहा है. अब इस मामले में नया मोड़ आया है. ‘कपिल शर्मा शो’ की ‘बुआ’ उपासना सिंह ने कहा है कि उनकी कमेटी ने 27 अक्टूबर को पूजा-हवन के साथनई कार्यकारिणी कमेटी का गठन कर आधिकारिक तौर पर अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) का पदभार ग्रहण कर लिया है. उन्होंने संस्था के 73 लाख रुपये को लेकर भी सवाल उठाए हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उपासना का आरोप है कि संस्था की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर पैसे दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए. उनका कहना है कि यह पैसा कलाकारों का है. इसका इस्तेमाल उनकी मदद के लिए होना चाहिए था.

CINTAA में विवाद अगस्त में शुरू हुआ था. उस समय संस्था के कामकाज को लेकर मतभेद सामने आए. इसके बाद 11 सदस्यों ने कार्यकारी समिति से इस्तीफा दे दिया. उस समय पूनम ढिल्लों संस्था की अध्यक्ष थीं. पद्मिनी कोल्हापुरी वरिष्ठ उपाध्यक्ष थीं. उपासना सिंह, उस समय जनरल सेक्रेटरी थीं. 7 अगस्त को 50 प्रतिशत से ज्यादा सदस्यों के इस्तीफे के बाद पुरानी कमेटी कानूनन भंग हो गई थी.

12 सितंबर हुए नए चुनाव, पूनम-पद्मिनी गुट ने उठाए सवाल

इसके बाद 12 सितंबर को नए चुनाव हुए. ये चुनाव फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की निगरानी में कराए गए. उपासना के मुताबिक, इन चुनावों में उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले. हालांकि, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरी के गुट ने चुनाव पर सवाल उठाए. दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मामला कोर्ट तक पहुंच गया.

कोर्ट में क्या हुआ?

विवाद के बीच 20 अक्टूबर को दूसरे गुट ने अलग चुनाव करा दिए. उपासना सिंह ने इसका विरोध किया. इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई. 22 अक्टूबर को कोर्ट ने दूसरे गुट को कारण बताओ नोटिस जारी किया. कोर्ट ने यह भी कहा कि 20 अक्टूबर को हुए चुनाव के नतीजों पर अमल नहीं किया जाए. उपासना के मुताबिक, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरी को 18 नवंबर को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से उनका न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है.

₹73 लाख कहां गए? उपासना ने उठाए सवाल

उपासना सिंह ने संस्था के पैसों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि संस्था के खातों का काम देखने वाले व्यक्ति ने उन्हें बताया कि 73 लाख रुपये की FD तोड़ी गई है. उपासना के मुताबिक, चार बैंकों ने संस्था के खातों को सामान्य तरीके से चलाने की इजाजत नहीं दी. इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक में एक खाता खोला गया. उनका आरोप है कि FD से निकाली गई रकम इस खाते में ट्रांसफर की गई. उपासना ने कहा कि वह इस पैसे का हिसाब लेंगी. उनकी कमेटी रकम वापस लाने की कोशिश भी करेगी. उन्होंने कहा कि यह पैसा कलाकारों की मदद के लिए जमा किया गया था.उपासना सिंह ने कहा कि इस रकम से जरूरतमंद कलाकारों का इलाज कराया जा सकता था. आर्थिक परेशानी में फंसे सदस्यों की भी मदद हो सकती थी. उपासना ने यह आरोप भी लगाया कि संस्था के जरूरी दस्तावेज दूसरी जगह ले जाए गए. उनका कहना है कि इससे कामकाज पर असर पड़ा है. हालांकि, पैसे के लेन-देन को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इस मामले में दूसरे पक्ष का जवाब भी अहम होगा.

पूनम ढिल्लों और पद्मिनी ने क्या कहा?

पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरी ने इस विवाद पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार किया है. दोनों का कहना है कि मामला कोर्ट में है. इसलिए वे फिलहाल इस पर टिप्पणी नहीं कर सकतीं. ऐसे में अब सभी की नजर कोर्ट की अगली सुनवाई पर है. उसी से मामले में आगे की स्थिति साफ हो सकती है.

नई कमेटी में किसे मिली जिम्मेदारी?

उपासना सिंह की कमेटी में कई कलाकारों को अलग-अलग पद दिए गए हैं.

अध्यक्ष- उपासना सिंह
महासचिव- दीपक वरदराजन
कोषाध्यक्ष- नगमा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष- शैला चड्ढा
उपाध्यक्ष- विकास वर्मा
वरिष्ठ संयुक्त सचिव- पुनीता गांधी
वरिष्ठ जनरल सेक्रेटरी- वर्षा कपूर

कलाकारों के भुगतान पर भी होगा काम

उपासना सिंह का कहना है कि उनकी कमेटी कलाकारों की परेशानियां दूर करने पर ध्यान देगी. वह चाहती हैं कि कलाकारों को काम करने के बाद समय पर भुगतान मिले.
उन्होंने कहा , कई कलाकार तीन से पांच दिन काम करते हैं. इसके बाद भी उन्हें पैसे मिलने के लिए 90 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है. उपासना ने बताया कि FWICE के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी और महासचिव अशोक दुबे ने इस समस्या को दूर करने में मदद का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि कलाकारों को दो-तीन दिनों में भुगतान मिल जाए. इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी.



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