नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर अब कम होंगे हादसे? 27 करोड़ से सुधरेंगे 5 ब्लैक स्पॉट, नवंबर से शुरू होगा काम


Last Updated:

Naubasta Hamirpur Highway : नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर दुर्घटनाओं की एक वजह सड़क किनारे खड़े वाहन भी हैं. होटल और गेस्ट हाउस में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से कई वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं. इससे सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहनों के लिए जगह कम हो जाती है. अब प्रशासन जल्द ही सड़क की तस्वीर बदलने वाला है.

Top Deals Inside

नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर अब कम होंगे हादसे? 27 करोड़ से सुधरेंगे 5 ब्लैक स्पॉटZoom

नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे सुधरेगा.

कानपुर : अगर आप नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर सफर करते हैं और आपको डर लगा रहता है कि पता नहीं कब हादसा हो जाए तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. आए दिन हादसों का खतरा झेल रहे इस हाईवे के पांच दुर्घटना संभावित स्थानों की तस्वीर बदलने की तैयारी है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इन ब्लैक स्पॉट पर सड़क की बनावट में बदलाव करेगा. करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण, डिवाइडर और सर्विस रोड बनाने की योजना है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जम्मू की कंपनी टीआरजी को काम देने का निर्णय लिया गया है. निर्माण कार्य नवंबर से शुरू कराने की तैयारी है.

पांच जगहों पर बदलेगी सड़क की बनावट
योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर घाटमपुर क्षेत्र के पांच प्रमुख स्थानों पर सुधार किया जाएगा. इनमें रमईपुर, पतारा, आनूपुर मोड़, दुर्गा मंदिर और भदरस मोड़ शामिल हैं. इन जगहों पर सड़क चौड़ी करने के साथ डिवाइडर और सर्विस रोड बनाई जाएगी. इसका मकसद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है. इन सुधारों का सीधा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो रोजाना इस मार्ग से काम, कारोबार या दूसरे जरूरी कामों के लिए सफर करते हैं. खासकर गांवों से हाईवे पर आने वाले वाहनों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिससे अचानक मुख्य सड़क पर पहुंचने वाले वाहनों से होने वाले हादसों का खतरा घट सकता है.

ऐसे में कैसे सुरक्षित रहेगा सफर?
दो लेन वाले इस हाईवे की क्षमता करीब तीन हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) बताई गई है, जबकि इस पर लगभग दस गुना यातायात का दबाव है. भारी वाहनों और ओवरलोड डंपरों की आवाजाही के बीच तेज रफ्तार, गलत दिशा में ड्राइविंग और बिना जरूरत ओवरटेकिंग भी हादसों का जोखिम बढ़ाती है. ऐसे में केवल सड़क पर चलना ही नहीं, बल्कि सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती बन जाता है. खासकर व्यस्त मोड़ों पर सड़क की कम चौड़ाई और वाहनों की अधिक संख्या से जाम के साथ दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

सड़क किनारे खड़े वाहन और ब्रेकर भी बढ़ाते हैं खतरा
हाईवे पर दुर्घटनाओं की एक वजह सड़क किनारे खड़े वाहन भी हैं. होटल और गेस्ट हाउस में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से कई वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं. इससे सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहनों के लिए जगह कम हो जाती है. इसके अलावा रात में तेज रोशनी वाले वाहनों की आवाजाही और गांवों के पास रेडियम पट्टी के बिना बने ब्रेकर भी चालकों के लिए परेशानी पैदा करते हैं. समय रहते ब्रेकर और सड़क किनारे की व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रह सकता है.

नवंबर से शुरू होगा निर्माण कार्य
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के मुताबिक, पांच ब्लैक स्पॉट के सुधार का टेंडर फाइनल हो गया है. प्रमुख मोड़ों पर चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण कराया जाएगा. नवंबर से काम शुरू कराने की तैयारी है. अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि योजना पूरी होने के बाद हाईवे पर सफर पहले से सुरक्षित होगा. हालांकि, सड़क की बनावट में सुधार के साथ चालकों को यातायात नियमों का पालन करना और ओवरस्पीडिंग से बचना भी जरूरी होगा.



Source link