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राजस्थान में ग्राम पंचायत चुनाव के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर धमाकेदार तरीके से वायरल हो रहा है. वीडियो में गाड़ियों की लंबी कतार और भारी लाव-लश्कर देखकर लोग कह रहे हैं कि यह किसी मंत्री या विधायक का काफिला नहीं, बल्कि एक ग्रामीण सरपंच का है. चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थकों और गाड़ियों का यह बड़ा काफिला फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खूब शेयर हो रहा है. स्थानीय स्तर पर उनके इस चुनावी शो को काफी डिजिटल अटेंशन मिल रहा है. अक्टूबर 2026 में राजस्थान में ग्राम पंचायत और उप-सरपंच के चुनाव चल रहे हैं.
बाड़मेर. न गाड़ी किसी मंत्री की, न किसी विधायक की फिर भी काफिला ऐसा कि हर तरफ चर्चा होने लगी. राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सरपंच प्रत्याशी का गाड़ियों के लंबे काफिले वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में गाड़ियों की कतार और समर्थकों का हुजूम नजर आने की बात कही जा रही है.
वीडियो के बारे में सोशल मीडिया में चर्चा है कि इसमें दिख रहे शख्स की पहचान फतह खान पुत्र अलाना खान के रूप में बताई जा रही है. दावा है कि ट्रैवल्स के मालिक हैं. उन्होंने बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा क्षेत्र के नेगरडा ग्राम पंचायत से सरपंच पद का चुनाव लड़ा है. चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थकों और गाड़ियों के बड़े काफिले का वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया. इसके बाद सरपंच पद की शान-ओ-शौकत और ग्रामीण राजनीति में शक्ति प्रदर्शन को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के माहौल के बीच यह वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है. हालांकि, वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और काफिले में कितनी गाड़ियां थीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती.
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण के लिए 28 अक्टूबर को 22 जिलों में मतदान हुआ है. जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 2453 वार्डों में 8257 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इन सीटों पर मतदाता अपने वोट से उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिला परिषद के 275 वार्डों के लिए 984 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं, पंचायत समिति के 2178 वार्डों में 7273 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान
दूसरे चरण का मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला. मतदान के लिए 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मतदाताओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं. वहीं, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और अतिरिक्त पुलिस बल के जरिए निगरानी रखी गई.