बंगाल की खाड़ी में चीन की घेराबंदी शुरू? साथ आईं भारत और सिंगापुर की नौसेनाएं
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भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं ने बंगाल की खाड़ी में सिम्बेक्स-2026 संयुक्त नौसैनिक अभ्यास पूरा किया. विशाखापत्तनम में आयोजित इस अभ्यास में आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस कमोर्टा और सिंगापुर के युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम सहित कई आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हुए. पी-8आई, डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टरों की मदद से समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियान और संयुक्त संचालन का अभ्यास किया गया. अभ्यास दो चरणों में हुआ. पहले चरण में बंदरगाह पर पेशेवर बातचीत और रणनीतिक अनुभव साझा किए गए. दूसरे चरण में बंगाल की खाड़ी में समुद्री युद्धक क्षमताओं का परीक्षण किया गया.
समंदर में भारत और सिंगापुर की नौसेना ने दिखाया दम. (Photo : X/indiannavy)
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना और सिंगापुर की नौसेना ने सिम्बेक्स-2026 अभ्यास को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. विशाखापत्तनम में आयोजित इस अभ्यास के जरिए दोनों देशों ने अपनी साझा समुद्री युद्धक क्षमता का कड़ा परीक्षण किया. इस युद्धाभ्यास में अत्याधुनिक युद्धपोतों के साथ समुद्री निगरानी विमान और लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी उतारे गए. समुद्र में पैदा होने वाली जटिल चुनौतियों और दुश्मन की पनडुब्बियों को तबाह करने के लिए दोनों सेनाओं ने साझा रणनीति पर काम किया. इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ हथियारों की ताकत आजमाना नहीं था. इसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना था. इसके अलावा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को भी नया विस्तार मिला है. इस पूरे अभ्यास ने यह साबित कर दिया है कि दोनों सेनाएं किसी भी आपात स्थिति में एक साथ मिलकर सटीक प्रहार कर सकती हैं.
सिम्बेक्स-2026 में दोनों देशों के कौन-कौन से घातक हथियार शामिल हुए?
इस युद्धाभ्यास में सिंगापुर की नौसेना की तरफ से उनका प्रमुख स्टील्थ युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम शामिल हुआ. इस खतरनाक युद्धपोत पर आधुनिक एसएच-70बी हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया था. भारतीय नौसेना ने भी अपनी स्वदेशी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया. भारत की तरफ से स्वदेश निर्मित स्टील्थ युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि को मैदान में उतारा गया. इसके साथ ही पनडुब्बी रोधी अभियानों के माहिर आईएनएस कमोर्टा ने भी अभ्यास में भाग लिया.
बंगाल की खाड़ी में युद्धपोतों और फाइटर जेट्स की गर्जना. (Photo : X/indiannavy)
हवा से निगरानी रखने के लिए पी-8आई और डोर्नियर विमानों को मिशन पर लगाया गया था. ट्रेनिंग देने वाले हॉक उन्नत जेट विमानों और एमएच-60आर रोमियो हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी क्षमता दिखाई. इन हथियारों की मौजूदगी ने दोनों सेनाओं को अपनी तकनीकी ताकत आंकने का शानदार मौका दिया.
बंदरगाह से लेकर खुले समंदर तक दोनों नौसेनाओं ने क्या अभ्यास किया?
सिम्बेक्स-2026 अभ्यास को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया गया. पहले चरण का आयोजन विशाखापत्तनम बंदरगाह पर किया गया था. बंदरगाह पर दोनों देशों के नौसैनिक अधिकारियों ने एक-दूसरे के जहाजों का दौरा किया. वहां ऑपरेशनल रणनीतियों और समुद्री अनुभवों को साझा करने पर गंभीर चर्चा हुई.
दुश्मन की पनडुब्बियों का काल बने भारतीय स्टील्थ वॉरशिप. (Photo : X/indiannavy)
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