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MP News: मध्य प्रदेश में सागर और देवास में शराब से मौतों को गंभीरता से देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. सागर और देवास के एसपी तथा कलेक्टर को हटा दिया गया है. वहीं, सिवनी के कलेक्टर भी बदले गए हैं.
शराब से मौत मामले में मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी कार्रवाई. (AI Image)
भोपाल: मध्य प्रदेश में शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. सरकार ने सागर और देवास जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा कलेक्टर को उनके पदों से हटा दिया है. साथ ही प्रदेश के तीन जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं.
मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने सागर के एसपी अनुराग सुजानिया और देवास के एसपी पुनीत गहलोत को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया है. अब बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा को देवास का नया एसपी बनाया गया है. वहीं, संजीव सिन्हा को सागर जिले के नए एसपी की जिम्मेदारी दी गई है.
सागर, देवास कलेक्टर को हटाया गया
पुलिस प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन में भी बड़ा फेरबदल हुआ है. सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल को पद से हटाकर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम में प्रबंध संचालक बनाया गया है. देवास के कलेक्टर ऋतुराज को तबादला कर सामान्य प्रशासन विभाग भेजा गया है.
सिवनी में भी नए कलेक्टर
इन बदलावों के तहत दिलीप कुमार यादव को सागर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है. सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना का तबादला कर उन्हें देवास कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, अंजू अरुण कुमार को सिवनी जिले की नई कलेक्टर बनाया गया है.
कांग्रेस ने देवास में किया प्रदर्शन
यह पूरी कार्रवाई देवास जिले के ग्राम चंदाना और बिंजाना में हुई 13 ग्रामीणों की संदिग्ध मौत के बाद की गई है. कांग्रेस ने इसे जहरीली शराब से हुई मौत बताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में शराब माफियाओं ने सरकार को जकड़ रखा है. उन्होंने सागर और मुरैना में पूर्व में हुई जहरीली शराब की मौतों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन मामलों में शराब माफियाओं को क्या सजा मिली, यह अब तक स्पष्ट नहीं है.