छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर; बारिश शुरू, बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर; बारिश शुरू, बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी


Last Updated:

CG News: चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ की आशंका को देखते हुए पूरे बस्तर संभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. एहतियात के तौर पर दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले में 28 अक्टूबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. बस्तर सांसद और कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सभी विभागों को 29 अक्टूबर तक सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए हैं.

Zoom

सांकेतिक फोटो.

जगदलपुर/दंतेवाड़ा/कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट पर आ गया है. बस्तर में बारिश भी शुरू हो गई है. वहीं, तूफान की आशंका और खराब मौसम को देखते हुए संभाग के जिलों में सुरक्षा व राहत के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. जिला मुख्यालय जगदलपुर में बारिश शुरू होने की खबर भी आई है.

दंतेवाड़ा जिले में 28 अक्टूबर को रहेगी छुट्टी
चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने 28 अक्टूबर को एक दिन की छुट्टी बढ़ाने का आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत जिले के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. यह छुट्टी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी लागू होगी.

सांसद का सख्त निर्देश: 29 अक्टूबर तक रहें अलर्ट
दूसरी ओर, बस्तर में 28 अक्टूबर को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी कर दी गई है. बस्तर सांसद ने चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ को लेकर समीक्षा की और सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों और राजस्व अमले को 28 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक सतर्क रहने का आदेश दिया है. सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए. मौसम के अनुमान के अनुसार तूफान अरनब का सबसे अधिक असर बस्तर संभाग में ही देखने को मिल सकता है.

इंद्रावती नदी तट से लोगों को कैंपों में भेजने का आदेश
बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों (रिलीफ कैंप) में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं.

SDRF और NDRF के 50 जवान तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों के 50 जवानों को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है. सरकार ने राहत शिविरों को 24 घंटे क्रियाशील रखने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाने के विशेष प्रबंध किए गए हैं.

विद्युत, दूरसंचार और सड़क व्यवस्था पर जोर
प्रशासन ने बिजली, दूरसंचार और सड़क आवागमन को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है. कोंडागांव जिले में राजस्व, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग और पंचायतों को आपात स्थिति के लिए मुस्तैद रखा गया है. वहीं किसानों के लिए फसलों को संभावित नुकसान से बचाने हेतु कृषि एडवाइजरी भी जारी की गई है.

चक्रवात को लेकर कोंडागांव प्रशासन अलर्ट
भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए कोंडागांव में 28 अक्टूबर को सभी स्कूलो में अवकाश घोषित किया गया है. शिक्षा विभाग ने जारी आदेश जारी कर दिया है. 28 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में किया अवकाश रहेगा.



Source link