बंगाल तो झांकी… अब कर्नाटक में कटे 1 करोड़ वोटर्स के नाम, अंतिम लिस्ट में केवल 4.55Cr. मतदाता


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बंगाल तो झांकी…कर्नाटक में कटे 1 करोड़ वोटर्स, अंतिम लिस्ट में केवल 4.55Cr.

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Karnataka Final Voter List: कर्नाटक में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो गई है. राज्य में करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिससे अब कुल वोटर्स की संख्या घटकर चार करोड़ पचपन लाख रह गई है. प्रतिशत में यह आंकड़ा करीब 18 फीसदी है. इससे पहले पश्चिम बंगाल में करीब 12 फीसदी वोटर्स के नाम काटे गए थे.

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बंगाल तो झांकी...कर्नाटक में कटे 1 करोड़ वोटर्स, अंतिम लिस्ट में केवल 4.55Cr. Zoom

कर्नाटक में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है. वहां करीब एक करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए हैं. प्रतीकात्मक तस्वीर

Karnataka Final Voter List: एसआईआर पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. एसआईआर के बाद कर्नाटक में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो गई है. इस सूची में करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. पहले राज्य में 5,54,32,314 मतदाता थे, लेकिन एसआईआर के बाद उनकी संख्या घटकर 4,55,00,011 रह गई है. यानी कुल 99.32 लाख वोटर्स के नाम कट गए हैं. इस साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले वहां 91 लाख वोटरों के नाम काटे गए थे. कुल मतदाताओं की संख्या के हिसाब से यह करीब 11.9 फीसदी था. लेकिन कर्नाटक में यह आंकड़ा करीब 18 फीसदी है. यानी राज्य में लगभग हर पांच में से एक मतदाता का नाम सूची से हट गया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

हालांकि, कर्नाटक की अंतिम सूची में ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुकाबले 8.64 लाख नाम बढ़े हैं. ड्राफ्ट सूची में 1.07 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए थे. इसके बाद जिन लोगों के नाम कटे थे, उन्हें दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन करना पड़ा. सीईओ कार्यालय के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में 2,25,40,493 पुरुष, 2,29,12,355 महिलाएं और 2,841 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. इनमें 18 से 19 वर्ष की आयु के 6.83 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं. वहीं, 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 3.92 लाख से ज्यादा है.

क्यों कटे इतने नाम?

ड्राफ्ट सूची से 80.62 लाख नाम ऐसे मतदाताओं के हटाए गए थे, जो अपना पता बदल चुके थे या सत्यापन के दौरान नहीं मिले. इसके अलावा 16.39 लाख नाम मृत मतदाताओं के तौर पर हटाए गए. सात लाख से अधिक नाम दोहरी एंट्री के कारण काटे गए, जबकि 3.83 लाख नाम अन्य श्रेणी में हटाए गए. जिन लोगों के नाम स्थान बदलने या सत्यापन के दौरान नहीं मिलने के कारण कटे थे, उन्हें मतदाता सूची में दोबारा शामिल होने के लिए फॉर्म-6 भरना था. निर्वाचन अधिकारियों को नए मतदाताओं समेत कुल 7,87,534 आवेदन मिले.

कर्नाटक के मतदाता निर्वाचन आयोग के मतदाता खोज पोर्टल पर अपना नाम देख सकते हैं. इसके लिए वोटर आईडी नंबर यानी ईपीआईसी नंबर के जरिए खोज का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद कर्नाटक राज्य चुनकर वोटर आईडी नंबर और कैप्चा भरना होगा. अगर पोर्टल पर नाम नहीं मिलता है, तो इसे तुरंत नाम कटने का अंतिम प्रमाण न मानें. आधिकारिक मतदाता सूची में अपना विवरण जांचें या निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करें.



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