Sudan famine: दाने-दाने को तरस रहा अफ्रीकी देश सूडान 50 लाख लोग भुखमरी के कगार पर

Sudan famine: दाने-दाने को तरस रहा अफ्रीकी देश सूडान 50 लाख लोग भुखमरी के कगार पर


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Sudan Famine News: अफ्रीकी देश सूडान इस वक्त खाने-पीने के संकट से जूझ रहा है. हालात इस तरह से हो चुके हैं युद्ध की मार से त्रस्त देश में 50 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें तुरंत सहायता की जरूरत है. कुपोषित बच्चों की संख्या 8.25 पहुंच चुकी है.

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अकाल के कगार पर पहुंचा सूडान. (रॉयटर्स)

अफ्रीकी देश सूडान में लगातार जारी युद्ध के चले खाने-पीने का संकट गंभीर होता जा रहा है. अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कई यूरोपीय देशों ने चेतावनी दी है कि सूडान में लाखों लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच रहे हैं. इन देशों ने संघर्ष में शामिल पक्षों से अपील की है कि वे मानवीय सहायता पहुंचाने में आ रही सभी बाधाओं को तुरंत दूर करें. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक सूडान की करीब 41 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 1.95 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं.

इनमें करीब 50 लाख लोग ऐसी स्थिति में हैं, जहां उन्हें तुरंत भोजन और सहायता की जरूरत है. अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले महीनों में जरूरतमंद लोगों तक पर्याप्त सहायता नहीं पहुंची, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. अनुमान है कि गंभीर कुपोषण से प्रभावित बच्चों की संख्या 8.25 लाख से भी अधिक हो सकती है. सरकारों ने कहा कि जिन इलाकों में लोगों को भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, उनकी संख्या भी बढ़ सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की जान बचाने और अकाल को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.

युद्ध ने बिगाड़े सूडान के हालात

सूडान में अप्रैल 2023 से जारी संघर्ष ने देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. लड़ाई के कारण लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. कई इलाकों में अस्पताल, सड़कें और दूसरी जरूरी सुविधाएं नष्ट हो गई हैं. युद्ध का असर खेती, खाद्य आपूर्ति और स्थानीय बाजारों पर भी पड़ा है. इसके चलते लोगों के लिए भोजन खरीदना और किसानों के लिए फसल उगाना मुश्किल हो गया है. मानवीय सहायता पहुंचाने पर लगी पाबंदियों ने संकट को और गंभीर बना दिया है.

सहायता पहुंचाने की गुहार

अंतरराष्ट्रीय देशों ने संघर्ष में शामिल पक्षों से अपील की है कि राहत संगठनों को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराए जाएं. खास तौर से दारफुर क्षेत्र तक हवाई मार्ग से सहायता पहुंचाने की मांग की गई है. इसके अलावा वीजा, सीमा शुल्क, यात्रा परमिट और कर संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि राहतकर्मी बिना देरी के जरूरतमंदों तक पहुंच सकें.

खेती और राहत कार्यों पर जोर

कम बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों ने भी सूडान में खाद्य संकट बढ़ाया है. संयुक्त बयान में कहा गया कि मौसम संबंधी समस्याओं के कारण देश के बड़े हिस्से में खेती प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने राहत के लिए अधिक धन उपलब्ध कराने, किसानों को सहायता देने और सर्दियों की फसलों की बुवाई को समर्थन देने की मांग की है. इससे खाद्य उत्पादन दोबारा बढ़ाने और लोगों की बाहरी सहायता पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

सूडान में युद्ध, विस्थापन और भोजन की कमी ने करोड़ों लोगों के सामने जीवन का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संघर्षरत पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट के पहुंचाने की अपील की है. समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है.



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