श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह मंदिर क्यों है खास? जानें मंदिर की धार्मिक मान्यताएं
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Lakshmi Narasimha Temple: भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जहां दर्शन करने से अनोखा आध्यात्मिक अनुभव मिलता है. श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह मंदिर इसमें से ही एक है. इन्हें करुणा और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता. इस मंदिर में दर्शन तो अपने आप में अद्भूत है ही, साथ ही इस मंदिर के आसपास भी कई देवी-देवता के दर्शन एक साथ किए जा सकते हैं.
श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह मंदिर क्यों है खास?
कर्नाटक स्थित श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह भगवान का मंदिर विष्णु के चौथे अवतार को समर्पित हैं. इस मंदिर की खासियत ये है कि यहां भगवान वेंकटेश्वर, महादेव और हनुमान जी के दर्शन करने का अवसर भी मिलता है. यहां भगवान नृसिंह और मां लक्ष्मी के दर्शन करने के बाद भक्त मंदिर परिसर में मौजूद दूसरे देवी-देवताओं के मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करते हैं.
इसके अलावा, पास के बेलुरू ग्राम में भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. अगर आप धार्मिक यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह मंदिर के साथ इन दूसरे मंदिरों के दर्शन भी कर सकते हैं. आइए जानते हैं इन मंदिरों की खासियत और इनसे जुड़ी मान्यताओं के बारे में.
भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में करें दर्शन
श्री स्तंभ लक्ष्मी नृसिंह भगवान के दर्शन के बाद भक्त मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में जाते हैं. भगवान वेंकटेश्वर को कलियुग का प्रत्यक्ष देवता माना जाता है. यहां उनका स्वरूप सोने के आभूषणों से सुसज्जित दिखाई देता है. श्रद्धालु उन्हें अपनी मनोकामनाएं पूरी करने वाले भगवान के रूप में पूजते हैं. दर्शन के दौरान भक्त ‘गोविंद-गोविंद’ का जयकारा लगाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
40 फीट ऊंची महादेव की दिव्य प्रतिमा
मुख्य मंदिर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान शिव की करीब 40 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है. विशाल और भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है. मंदिर परिसर में भगवान शिव की इस प्रतिमा के दर्शन करना धार्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है.
प्राचीन हनुमान मंदिर के दर्शन
मंदिर के भीतर सीढ़ियों के पास भगवान हनुमान का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां हनुमान जी के दर्शन और पूजा करने से भूत-प्रेत जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है. भक्त उन्हें संकटों से रक्षा करने वाला देवता मानकर उनकी पूजा करते हैं.
बेलुरू ग्राम का श्रीराम मंदिर
मुख्य मंदिर के दर्शन के बाद श्रद्धालु बेलुरू ग्राम में स्थित श्रीराम मंदिर भी जा सकते हैं. मान्यता के अनुसार, कोडुरू श्री राम मूर्ति नामक भक्त ने अपनी माता की स्मृति में इस मंदिर का निर्माण करवाया था. यहां भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की पूजा होती है. मंदिर में नियमित रूप से भजन-कीर्तन और धूप-दीप के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. इस मंदिर के पास में बजरंग बली का भी एक सुंदर मंदिर स्थित है.