हिमाचल में वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत, घर बनाने के लिए 3 लाख रुपये मदद देगी सुक्खू सरकार, शर्तें जान लें

हिमाचल में वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत, घर बनाने के लिए 3 लाख रुपये मदद देगी सुक्खू सरकार, शर्तें जान लें


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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत की. इसके तहत पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

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शिमला में सीएम सुक्खू ने वाल्मीकि समाज के कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

शिमला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शिमला के कृष्णानगर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि आवास योजना की शुरुआत की. योजना के तहत ढाई लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले पात्र वाल्मीकि परिवारों को अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

कार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को 65 किलो लड्डुओं से तोला. मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि मंदिर में चांदी का मुकुट चढ़ाया और शीश नवाकर आशीर्वाद लिया. इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं भी दीं.

सीएम ने मंदिर को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की. अपने संबोधन में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले साल 10 लाख की घोषणा की थी, यहां के स्थानीय विधायक हरीश जनारथा ने बताया कि वो अब तक जारी नहीं हुए, अब 25 लाख देने की घोषणा करता हूं

28 नवंबर तक मकानों की गणना का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कृष्णानगर में भी मकानों की गणना की जाएगी. इसके लिए 28 नवंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वाल्मीकि आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की पहल को जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले वाल्मीकि परिवारों को अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. वार्षिक आय की सीमा ढाई लाख रुपये से कम रखी गई है.

महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सच्चाई, ज्ञान और अच्छे कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि इंसान अपने कर्मों और विचारों से महान बनता है. सुक्खू ने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, समानता तथा आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया.



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